Published On : Wed, Dec 3rd, 2014

धाड़ बस स्थानक की अव्यवस्था पर ‘प्रहार’


लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म

Dhad bus stop
धाड़ (बुलढाणा)।
कई वर्षों से स्थानीय बस स्थानक विभिन्न समस्याओं से घिरे होने के बावजूद परिवहन महामण्डल के आला अफसर अनदेखी कर रहे हैं. इसे देख एस.टी. महामण्डल को चेताने ‘प्रहार’ को आक्रामक रुख अख्तियार करना पड़ा. 1 दिसम्बर को इन्हीं समस्याओं से निजात दिलाने प्रहार के जिला प्रमुख वैभवराजे मोहिते की अगुआयी में बस स्थानक के भीतर बसों पर चढ़कर जोरदार आंदोलन किया गया.

यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पिछले कई वर्षों से धाड़ बस स्थानक समस्याओं से घिरा हुआ है. बुलढाणा से औरंगाबाद महामार्ग पर स्थित धाड़ बस स्थानक से रात-दिन 334 बसों की आवाजाही लगी रहती है. इस बस स्थानक से महामण्डल को लाखों की आय होने के बावजूद यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं व बस स्थानक के रखरखाव की चिंता दूर महामण्डल सिर्फ तिजोरी भरने की धुन में लगी हुई है. जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. जिससे उनमें रोष देखा जा रहा था. बस स्थानक पेयजल, प्रसाधन गृह, पथ दीप, परिवहन सिग्नल, टूटी संरक्षण दीवार जैसी समस्याओं से घिर अपने अस्तित्व की बाट जोह रहा था. इन असुविधाओं के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही थी. इसलिए प्रहार द्वारा महामण्डल की इन समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षण करवाने बस पर चढ़कर आंदोलन कर निवेदन सौंपना पड़ा और व्यवस्था सुधारने के लिए 8 दिनों की मोहलत दी गई. इतने में आंदोलन की जानकारी मिलते ही धाड़ के थानेदार जाधव व महामण्डल के अधिकारी बस स्थानक पहुंचे. प्रहार से विभागीय परिवहन अधिकारी पी.एम. ठाकुर, विभागीय अभियंता एस.के. बायस, सहायक परिवहन अधिकारी दीपक सावले, सुरक्षा अधिकारी पी.जे. धोत्रे, बस आगार व्यवस्थापक प्रवीण शिंदे वहां पहुंच आंदोलन वापस लेने की गुजारिश करने लगे. उसके बाद जिला प्रमुख ने अधिकारियों की चर्चा कर लिखित आश्वासन लिया. इस आंदोलन में गुलाब गुजर, रामदास सनान्से, उमेश जाधव, भगवान जाधव, राजू ठाकरे, उत्तम थोरात, रवि ठाकरे सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे.