नागपुर: सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) नागपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से विभागीय हलकों में खलबली मच गई है।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान रविंद्र निलकंठराव वानखेड़े के रूप में हुई है, जो जलसंपदा विभाग के यांत्रिकी मंडल, नागपुर में अधीक्षक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। ACB की इस कार्रवाई को विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक पंजीकृत कॉन्ट्रैक्टर है। उसने करजखेड़ा (भंडारा) में 10 लाख रुपये तथा लखमापुर (नागपुर) में 15 लाख रुपये के पाठबंधारे कार्य पूरे किए थे। इन दोनों कार्यों के कुल 25 लाख रुपये के लंबित बिल मंजूरी के लिए विभाग में प्रस्तुत किए गए थे।
आरोप है कि इन बिलों को मंजूरी देने के बदले अधीक्षक अभियंता रविंद्र वानखेड़े ने 2 प्रतिशत के हिसाब से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इसके अलावा, भुराटोला (भंडारा) और खडकी माइनर (नागपुर) के नए 10 लाख रुपये के कार्य की निविदा शिकायतकर्ता के नाम स्वीकृत करने के लिए अतिरिक्त 20 हजार रुपये मांगे गए। इस तरह कुल 70 हजार रुपये की रिश्वत तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद ACB नागपुर ने मामले की गुप्त जांच शुरू की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर बुधवार, 21 मई 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई। ACB की टीम ने आरोपी अधिकारी को उसके कार्यालय कक्ष में 70 हजार रुपये रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी की तलाशी लेने पर ट्रैप की रकम के अलावा 36 हजार 630 रुपये अतिरिक्त नकद भी बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ धंतोली पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई ACB नागपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में पुलिस उपअधीक्षक अनिल जिट्टावार, निरीक्षक जितेंद्र वैरागड़े सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जनता से ACB की अपील
एंटी करप्शन ब्यूरो ने नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, गडचिरोली और चंद्रपुर जिलों के नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी, कर्मचारी या एजेंट सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत ACB नागपुर से संपर्क करें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी तथा ट्रैप में उपयोग की गई राशि भी नियमानुसार वापस की जाएगी।








