Published On : Mon, Nov 24th, 2014

गोंदिया : परिरक्षक भूमापक 1000 रिश्वत लेते गिरफ्तार

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Manoj Randive Bribe
गोंदिया।
स्वर्गीय दादा की वसीयत से नाम हटाकर अपना नाम पर करवाने गए एक व्यक्ति को उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय के परिरक्षक भूमापक द्वारा 1000 रिश्वत लेने पर एसीबी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया. इस घटना से कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में हड़कम्प मच गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी के दादा के नाम पर अर्जुनी/मोरगांव, जिला गोंदिया स्थित घर को उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय के अभिलेख पर उनके स्व. दादा के नाम पर है. फरियादी ने दादा की मृत्यु के बाद पिता के घर पर वारिसाना हक जताते हुए अभिलेख पर दादा का नाम हटाने के लिए अर्जुनी/मोरगांव स्थित कार्यालय उप अधीक्षक भूमि अभिलेख, जिला गोंदिया के पास आवेदन किया था. आवेदन के संदर्भ में फरियादी के कार्यालय में कार्यरत निमतानदार परिरक्षक भूमापक मनोज प्रभाकर रणदिवे से मिला. उसने अभिलेख में फेरबदल कर नए अभिलेख पत्रिका देने के लिए 2000 रु. की रिश्वत मांगी. फरियादी जिसकी शिकायत एसीबी से कर दी. मामला दर्ज कर 24 नवम्बर को एसीबी की गोंदिया यूनिट ने उप अधीक्षक भूमि अभिलेख, कार्यालय में अपना जाल बिछा कर रखा और जैसे ही आरोपी लोकसेवक मनोज प्रभाकर रणदिवे आवेदक से मोलभाव कर 1000 रुपये स्वीकार किया वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया. आरोपी के खिलाफ रिश्वत प्रतिबंधक कानून 1988 के अंतर्गत अर्जुनी मोरगांव थाने ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी. इस कार्यवाही में गोंदिया यूनिट के पुलिस उपअधीक्षक दिनकर ठोसरे, पुलिस निरीक्षक प्रमोद घोंगे व अन्य कर्मी शामिल थे.

इसके साथ ही एसीबी के पुलिस अधीक्षक श्री प्रकाश जाधव ने नागरिकों से अनुरोध किया कि किसी भी सरकारी अफसर अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत की माँग की जाती है तो वे तत्काल टोल फ्री लैंडलाइन नंबर 1064 पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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