Published On : Fri, May 30th, 2025
By Nagpur Today Nagpur News

22 साल से फरार रहे, कोर्ट ने किया निर्दोष बरी

Advertisement

जिला सत्र न्यायालय नागपुर ने सुनाया फैसला

नागपुर। जहां एक ओर वर्षों तक कोर्ट में मामलों का लंबित रहना आम बात मानी जाती है, वहीं नागपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें दो फरार आरोपियों की गैरमौजूदगी के बावजूद सुनवाई पूरी हुई और दोनों को दोषमुक्त करार दे दिया गया।

यह मामला जरीपटका थाने का है, जहां 26 जुलाई 2002 को सूरजसिंह अजितसिंह लोटे और सपनजीत जगदिशसिंह लोटे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 324 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोनों आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद से दोनों फरार चल रहे थे।

Gold Rate
Sept 17,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 51,500 /-
Gold 22 KT ₹ 1,40,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,29,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

22 वर्ष, 8 माह और 20 दिन बाद, 27 मई 2025 को जिला सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में निर्दोष करार दिया।

मामला क्या था?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 जुलाई 2002 की शाम 7 बजे शिकायतकर्ता कपील नगर स्थित एनआईटी क्वार्टर के पास खड़ा था। उसी दौरान शिकायतकर्ता की मां द्वारा पुलिस में की गई शिकायत के चलते दोनों अभियुक्तों ने शिकायतकर्ता के साथ गालीगलौच और झगड़ा किया।

Advertisement

कोर्ट की कार्रवाई

चार्जशीट दायर होने के बाद सुनवाई के दौरान आरोपियों की अनुपस्थिति के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए। इसके बाद उन्हें “जाहिरनामा” घोषित किया गया। उनकी लगातार गैरहाजिरी के चलते भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 के तहत अभियोजन पक्ष को गवाहों के बयान दर्ज करने की अनुमति दी गई।

सरकारी पक्ष ने तीन गवाहों के बयान दर्ज करवाए। हालांकि, शिकायतकर्ता और अन्य प्रमुख गवाह अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए। पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया कि वे उपलब्ध नहीं हैं।

गवाहों के बयान और कोर्ट का निष्कर्ष

विशेष बात यह रही कि एक गवाह ने अपने बयान में आरोपियों को पहचानने की बात कही थी और बताया था कि पुलिस ने उसे घटनास्थल पर पंच के रूप में बुलाया था। लेकिन बचाव पक्ष द्वारा की गई जिरह में उसी गवाह ने अधिकांश सवालों पर जानकारी होने से इनकार कर दिया। दूसरे गवाह ने तो यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस को क्या बयान दिया था, यह उन्हें याद नहीं।

पुलिस द्वारा जांच के दौरान कथित चाकू भी जब्त किया गया था जिससे शिकायतकर्ता को जख्मी किया गया था, लेकिन कमजोर गवाही और प्रमाणों की कमी के कारण कोर्ट ने दोनों फरार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया।

 

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.