Published On : Sat, Sep 22nd, 2018

सवा लाख लोगों की लाइफलाइन ठप्प

नागपुर: मनपा की तरह शहर परिवहन सेवा भी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है. बस संचालक हर तरफ से परिस्थिति को संभालते – संभालते आखिरकार कल पस्त हो गए. प्रशासन के भी हाथ खड़े करने से आज से अनिश्चित काल के लिए शहर बस सेवा ठप्प हो गई. ज्ञात हो कि शहर बस सेवा का रोज लगभग सवा लाख नागरिक आवाजाही करते हैं. लेकिन बस सेवा बंद किए जाने से लोग हलाकान हो रहे हैं.

मनपा परिवहन सेवा की ग्रीन बस पहले ही बंद हो चुकी है. सड़कों पर दौड़ रही २५ ग्रीन बसों को पुर्वतः शुरू करने के लिए लगभग १० करोड़ रुपए देने के अलावा उनके लिए एक्सक्रो अकाउंट खोलना अनिवार्य शर्तों में से एक है. फिलहाल खड़ी ग्रीन बस बड़े खर्च कि आेर बढ़ते जा रही है. केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री गडकरी भी बंद ग्रीन बस को शुरू कराने में असफल रहे.

एक माह के भीतर तीनों रेड बस ऑपरेटरों ने भी अंततः आज से अनिश्चित काल के लिए ३२० रेड बसों का संचलन बंद करने की सूचना मनपा प्रशासन को दे दी. प्रशासन पर तीनों बस ऑपरेटरों का कुल बकाया ४२ करोड़ के आसपास है.

तीनों बस ऑपरेटरों को स्थानीय पेट्रोल पंप धारकों ने बकाया चुकाए बिना ईंधन न देने के लिए संयुक्त रूप से निर्णय लेकर बस संचालकों को सूचित कर दिया था. इसके अलावा बस चालकों का मासिक वेतन, बैंक की किश्त, अन्य मरम्मत खर्च सर चढ़ के बोल रहा है.

बस संचालन कम से कम सोमवार तक बंद रहेगी. सोमवार की सुबह प्रशासन ने बकाया पैसे में से ईंधन भरने के लिए पैसे दिए तो दोपहर बाद बस सेवा शुरू हो जाएगी. दोपहर बाद पैसे दिए तो मंगलवार से बस सेवा शुरू होगी. इस मामले में सत्तापक्ष और परिवहन समिति निष्क्रिय देखाई दिया. अब देखना है कि प्रशासन कब तक निधि उपलब्ध करा के शहर बस सेवा फिर से चालू करता है.

शहर भाजपा के एक नेता के अनुसार अगले माह से नागपुर मनपा का जीएसटी बढ़ कर ९० करोड़ मासिक के आसपास होने जा रहा है. मनपा को इसके अलावा विशेष पैकेज देने पर भी विचार गंभीरता से जारी है. अगर उक्त नेता की कहानी को सच्ची मान भी ली जाए तो भी आज मनपा पर लगभग ९०० करोड़ का बकाया से होनेवाली आफत को टालना मुश्किल हो रहा है. सभी मनपा आयुक्त के लौटने की राह ताक रहे हैं, ताकि उनके प्रयासों से मनपा की स्थिति को संवारा जा सके. बाकी सभी ने हाथ खड़े कर मौन धारण कर लिया है.