
नागपुर – खेतों में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के नाम पर बिजली का खतरनाक जाल बिछाना वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ऐसा ही एक गंभीर मामला हिंगना वनपरिक्षेत्र के डिगडोह (पांडे) गांव में सामने आया है। यहां एक किसान ने अपने खेत के चारों ओर लगाई गई जीआई तारों में कथित तौर पर बिजली का करंट प्रवाहित कर रखा था। इसी करंट की चपेट में आने से एक नीलगाय की मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित किसान को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने आरोपी को 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
गश्त के दौरान सामने आया मामला
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 5 नवंबर को हिंगना वनपरिक्षेत्र के कवडस उपवन क्षेत्र के अंतर्गत वनकर्मियों की टीम नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान मौजा डिगडोह (पांडे) स्थित सर्वे क्रमांक 89 के खेत के आसपास संदिग्ध स्थिति दिखाई दी। जांच करने पर पता चला कि खेत की सुरक्षा के लिए चारों ओर लगाई गई जीआई तारों में बिजली का करंट प्रवाहित किया जा रहा था।
इसी दौरान इन तारों के संपर्क में आने से एक नीलगाय की मौत हो चुकी थी। खेत में करंट प्रवाहित होने और वन्यजीव की मौत की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। प्राथमिक जांच में खेत के चारों ओर लगाए गए तारों में बिजली का करंट छोड़े जाने की बात सामने आई।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने संबंधित किसान के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39 और 50 के तहत वन अपराध दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
6 नवंबर को आरोपी को हिंगना न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से खेतों में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़कर वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
फसल की सुरक्षा के नाम पर दूसरों की जान से खिलवाड़
किसान अक्सर जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए खेतों के आसपास तारबंदी करते हैं। लेकिन कुछ लोग सुरक्षा के नाम पर इन तारों में सीधे बिजली का करंट प्रवाहित कर देते हैं। यह तरीका बेहद खतरनाक है। इसकी चपेट में न केवल नीलगाय, जंगली सूअर और अन्य वन्यजीव आ सकते हैं, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर, राहगीर और पालतू पशु भी गंभीर हादसे का शिकार हो सकते हैं।
ऐसे मामलों में वन्यजीवों की जान जाने के साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए फसलों की सुरक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में बिजली का अवैध इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
वन विभाग की नागरिकों से अपील
हिंगना वनपरिक्षेत्र कार्यालय की ओर से नागरिकों और किसानों से अपील की गई है कि खेतों के आसपास जीआई तारों या अन्य किसी भी माध्यम से बिजली का करंट न छोड़ें। इस तरह के गैरकानूनी उपाय वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानों और पालतू पशुओं की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।
वन विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीवों का शिकार, अवैध बिजली का इस्तेमाल अथवा वन्यजीवों से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी जाए। वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है।



