मेहकर (बुलढाणा)
लगातार दगा देती फसलें, बढ़ता कर्ज और इस साल भी अकाल के संभावित संकट से हताश एक 42 वर्षीय किसान ने अपने ही खेत में एक पेड़ से लटककर जान दे दी. तालुका के परतापुर में ऐन पोले के दिन आज दोपहर डेढ़ बजे घटी इस घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है.
शहर से कुछ दूरी पर स्थित है परतापुर. यहीं पर विष्णु नामदेव घनवट की थोड़ी सी खेती है. परिवार के भरणपोषण का यही एकमात्र सहारा है. लेकिन कुछ सालों से लगातार फसल के दगा देने, बढ़ती महंगाई और बढ़ते कर्ज से विष्णु के सामने यह संकट था कि ऐसे में परिवार कैसे चलाया जाए. कुछ दिनों से इसी बात को लेकर वह परेशान था.
आज सुबह वह घर से यह कहकर निकला कि खेत से होकर आता हूं. मगर जब दोपहर तक भी नहीं लौटा तो उसे खोजा गया. खेत पहुंचे रिश्तेदारों को पेड़ पर उसकी लाश लटकती नजर आई. विष्णु के परिजनों ने बताया कि उस पर बैंक और सहकारी सोसाइटी का कर्ज बकाया था.
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