Published On : Wed, Dec 26th, 2018

मुख्यमंत्री दरबार में पदोन्नत से महरूम ३९४ कर्मियों का मामला

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विधायक परिणय फुके के नेतृत्व में शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला

नागपुर: महाराष्ट्र राज्य लोकसेवा आयोग द्वारा पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए पुलिस विभाग अंतर्गत ली गई परीक्षा के उत्तीर्ण पुलिस कर्मियों को आजतक पदोन्नति नहीं दी गई. नागपुर जिले के ३९४ पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए पात्र कर्मियों ने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेदन देकर न्याय की मांग की. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उक्त मामले को काफी गंभीरता से लिया है.

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याद रहे कि लोकसेवा आयोग ने २०१३ में उपनिरीक्षक पद के लिए परीक्षा ली थी. इस परीक्षा में नागपुर संभाग के २२२२ पुलिस कर्मी उत्तीर्ण हुए थे. इन सफल कर्मियों को अधिकारी बनने का अवसर मिला था. उक्त सफल कर्मियों में नागपुर शहर पुलिस के ३९४ कर्मियों का समावेश था. तब से उक्त सफल कर्मी अधिकारी बनने का राह देख रहे थे. अधिकारी बनने के बाद भी कर्मियों की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही साथ अधिकारियो की फटकार सुंनने को मजबूर है.

उक्त अन्यायग्रस्त सैकड़ों कर्मियों ने विधायक परिणय फुके के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से हाल ही में मुलाकात कर उन्हें अपनी लंबित मांग दोहराई. नागपुर शहर पुलिस को लगभग ७०० पुलिस उपनिरीक्षकों की जरूरत है. उक्त परीक्षा ने ३९४ कर्मी पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके हैं. इन कर्मियों को पुलिस उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति से शहर पुलिस विभाग की क्षमता बढ़ेंगी, साथ ही अधिकारियों का अनुशेष भी कम हो जाएगा.

उल्लेखनीय है कि एमपीएससी परीक्षा में उत्तीर्ण होकर युवा वर्ग पुलिस दल में शामिल होते हैं.४-५ वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें सम्बंधित काम के साथ न्याय नहीं करते देखे गए.पुलिस कर्मियों के अनुभव के आधार पर विभाग की कार्यप्रणाली चल रही हैं.जल्द ३९४ उत्तीर्ण पुलिस कर्मियों को उपनिरीक्षक पद पर तैनात किया गया तो पुलिस विभाग हर ओर से सक्षम हो जाएंगी.

दूसरी ओर पुलिस महासंचालक कार्यालय ने १५ जून २०१८ को वरिष्ठ सूची न्यायालय में पेश की. इस सूची पर उक्त उत्तीर्ण कर्मियों ने विरोध दर्ज करवाया था. महासंचालक ने सम्बंधित विभाग को सूची में सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन आजतक महासंचालक के निर्देश का पालन नहीं हुआ.

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