Published On : Fri, Mar 17th, 2017

मनपा ठेकेदारों ने किया अपनी ज्वलंत मांगों को लेकर पदाधिकारियों का घेराव

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नागपुर: मनपा चुनाव ख़त्म होते ही सत्ताधारी पदाधिकारियों का पदग्रहण व सत्कार के क्रम में सबसे आखिर में मनपा ठेकेदार संघ ने सत्कार किया। इस दौरान संघ के अध्यक्ष ने सत्तापक्ष को आर्थिक कठिनाई के दौरे में पूर्ण सहयोग का एकतरफ आश्वासन दिया और आज शाम उन्हीं नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अटके भुगतान न करवाने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली।

तय रणनीति के तहत संघ ने पदाधिकारियो का सत्कार इसलिए किया ताकि महीनों से बकाया बिल का भुगतान सत्कार से खुश होकर शीघ्र करवा दे। इनदिनों मनपा के ठेकेदारों को मनपा से सम्बंधित विभाग की ओर से भुगतान पूर्व रॉयल्टी क्लिरियेन्स का सर्कुलर मिला। इस सर्कुलर के मिलते ही सभी ठेकेदारों ने इससे बचने/छुटकारा पाने के लिए संघ के नेतृत्व में महापौर सह पदाधिकारियो से गुहार लगाई। उपस्थित पदाधिकारी ने मनपा के लेखा व वित्त प्रमुख से चर्चा करते हुए सर्कुलर के सन्दर्भ में जानकारी ली। उन्हें जानकारी दी गयी कि यह सर्कुलर 2009 का है।

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इसके बाद यह निर्णय हुआ कि इस मामले को लेकर कल मनपायुक्त से मुलाकात की जाएगी। अगर कल इस मामले में सफलता नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है। रॉयल्टी क्लिरियेन्स का अर्थ होता है, खनिज संपदा की खरीदी पर जब खनिज संपदा बेचने वाला कर नहीं चुकाता है तो जिला प्रशासन से जुडी खनन विभाग मनपा को निर्देश देते है कि निर्माणकार्य के हिसाब से उपयोग किये गए खनिज का कर संबंधित ठेकेदारों से वसूलकर दे अथवा सम्बंधित ठेकेदारों को कर अदा करने का रसीद जमा करने का निर्देश दिया जाये।

तो दूसरी ओर ठेकेदारों का साफ़ कहना है कि खनिज की खरीदी के वक़्त कर सह मटेरियल का भुगतान मनपा ठेकेदार सतत करते आये हैं।लेकिन मटेरियल बेचने वाले सम्बंधित विभाग में जब कर जमा नहीं करते हैं तो इसमें मनपा ठेकेदारों का क्या दोष है।प्रत्येक वर्ष मार्च माह में भुगतान के वक़्त प्रशासन नई-नई अड़ंगे लाकर मनपा ठेकेदारों को परेशान करते हैं। मनपा ठेकेदारों का मनपा प्रशासन पर लगभग 125 करोड़ का भुगतान बकाया है।

अभी अगर मनपा प्रशासन के दबाव में रॉयल्टी क्लियर करना पड़ा तो बाद में सम्बंधित विभाग से पूर्व में भरे गए रॉयल्टी शुल्क वापसी के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।सबसे खास बात यह है कि मनपा के सम्बंधित विभाग के सम्बंधित अधिकारियो ने बिल तक तैयार नहीं किये।

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