
नागपुर में पिछले दो दिनों से पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित होने के कारण शहर के कई पेट्रोल पंपों पर अस्थायी बंदी और लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालांकि इस स्थिति का किसी युद्ध या बड़े बाहरी संकट से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह कई प्रशासनिक और तकनीकी कारणों के एक साथ आने का परिणाम है।
फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गुप्ता के अनुसार, हाल ही में ऑयल कंपनियों ने डीलर्स के लिए एडवांस पेमेंट सिस्टम लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत अब पेट्रोल पंप संचालकों को पहले भुगतान करना होता है, उसके बाद ही उन्हें ईंधन की आपूर्ति की जाती है। पहले डीलर्स को अल्पकालिक क्रेडिट सुविधा मिलती थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने 12 मार्च से, जबकि इंडियन ऑयल ने 18 मार्च से क्रेडिट देना बंद कर दिया था, और 21 मार्च से बैंक छुट्टियों के दौरान भी यह सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी गई।
इसी दौरान वीकेंड के कारण बैंक बंद रहने से कई डीलर्स समय पर भुगतान नहीं कर सके, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई। इसका असर शहर के अजनी पुलिस स्टेशन, मेडिकल स्क्वायर और अशोक चौक जैसे इलाकों के पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां कुछ पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
स्थिति को और बिगाड़ने में ‘पैनिक बाइंग’ ने अहम भूमिका निभाई। संभावित कमी की आशंका में बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर उमड़ पड़े, जिससे उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। पंचशील चौक सहित कई स्थानों पर देर रात तक भीड़ देखी गई।
इसके अलावा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण लोडिंग और डिस्पैच में भी देरी हुई, जिससे सप्लाई और बाधित हुई।
गुप्ता ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, जो लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, के चलते कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी कारण उन्होंने कैश फ्लो मैनेजमेंट के लिए एडवांस पेमेंट सिस्टम लागू किया है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि खुदरा स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है और केवल थोक उपभोक्ताओं के लिए बाजार आधारित दरें लागू हैं।
फिलहाल स्थिति में सुधार के संकेत हैं। बैंक खुलने के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू हो गई है और ईंधन की आपूर्ति फिर से सामान्य होने लगी है। हालांकि, यदि पैनिक बाइंग जारी रहती है, तो इससे अस्थायी रूप से फिर से सप्लाई प्रभावित हो सकती है।









