
गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सचिन शेंडे ने चुनाव पूर्व किए गए वादे को निभाते हुए प्रति माह के प्रथम सोमवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार की शुरुआत कर दी। सोमवार, 2 फरवरी को नगर परिषद के मीटिंग हॉल में पहला जनता दरबार आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर बेखौफ पहुंचे।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सचिन शेंडे ने भरी सभा में सभी विभाग प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का निराकरण 10 से 12 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाए इस बात का उल्टीमेटम भी दे दिया।
54 शिकायतें दर्ज, सबसे ज्यादा अतिक्रमण को लेकर
नागपुर टुडे से बातचीत में सचिन शेंडे ने बताया कि- पहले ही जनता दरबार में कुल 54 शिकायतें दर्ज हुईं इनमें सबसे अधिक शिकायतें अतिक्रमण को लेकर थीं इसके बाद टाउन प्लानिंग, टैक्स विभाग, स्वच्छता विभाग, बांधकाम विभाग तथा आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
शौचालयों की बदहाली पर तीखी नाराज़गी
अध्यक्ष ने बताया कि जहां सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में शौचालयों की सख्त जरूरत है, वहां पर्याप्त सुविधा नहीं है। जय स्तंभ चौक स्थित बस पिकअप स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय नहीं हैं, जबकि स्टेडियम जैसे इलाकों में बने शौचालयों पर पिछले पांच वर्षों से निजी लोगों ने ताले लगा रखे हैं, जिससे आम जनता उनका उपयोग नहीं कर पा रही।
कल मैं इस पर विजिट करूंगा और जहां-जहां सुलभ शौचालयों की आवश्यकता है उनका निर्माण तत्काल कराया जाएगा।
RTI में धोखाधड़ी पर फूटा नगराध्यक्ष शेंडे का गुस्सा
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पारदर्शिता की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला जनता दरबार में उजागर हुआ। वर्ष 2018 में गणेश नगर निवासी गहरवार नामक बुजुर्ग नागरिक ने नगर परिषद में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन किया था , उनसे शुल्क भी लिया गया, रसीद भी काटी गई, लेकिन आज तक उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इतना ही नहीं, नगर परिषद की ओर से कलेक्टर को झूठी रिपोर्ट भेज दी गई कि संबंधित व्यक्ति को निर्धारित तिथि पर जानकारी दे दी गई है। यह मामला जनता दरबार में सामने आते ही नगर परिषद अध्यक्ष सचिन शेंडे का पारा चढ़ गया उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा- “आप किस विभाग की दिशा भूलकर काम कर रहे हैं ? इसके परिणाम क्या होंगे, क्या आपने कभी सोचा है ?
जमीन कंपाउंड : अतिक्रमण- रास्ता बंद नहीं सहेंगे
जनता दरबार के दौरान एक महिला की शिकायत पर सुनवाई करते हुए नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने जमीन कारोबार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा शहर में जगह-जगह कंपाउंड बनाकर मुख्य आवागमन मार्ग बंद किए जाने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार रास्ता खुला रहना चाहिए और कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक मार्ग बंद नहीं कर सकता।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों और प्रॉपर्टी डेवलपर्स पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती ?
नगराध्यक्ष ने निर्देश दिए कि दोषियों को तुरंत नोटिस जारी किए जाएं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जनता दरबार में नगराध्यक्ष ने साफ संदेश दिया कि पारदर्शिता से खिलवाड़ और जनता के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रवि आर्य










