
विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर आॅफ काॅमर्स द्वारा रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 10.30 बजे होटल द्वारकामाई, एस.टी. बस स्टेण्ड के पास, नागपुर में युनियन बजट वर्ष 2026-27 के सीधे प्रसारण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
युनियन बजट पर प्रतिक्रिया देते हुये चेंबर के अध्यक्ष श्री फारूक अकबानी ने कहा कि यह औसत बजट है। इस बजट में छोटे व मध्यम व्यापरियों हेतु जो विशेष घोषणाएं की गई है, उसका लाभ उन्हें सही तरीके से मिले, ऐसी आशा व्यक्त की। महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर महिला उद्यमियों के लिए कुछ विशेष घोषणांए की गयी है साथ ही कैंसर व ब्लड शुगर की दवाईयों को टैक्स फ्री किया गया है जो कि स्वागत योग्य है।
चेंबर के पुर्व अध्यक्ष श्री अश्विन प्रकाशजी मेहाड़िया (अग्रवाल) ने कहा कि यह बजट मिला-जुला बजट है। इस बजट में व्यक्तिगत आयकर में छुट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद थीं, किंतु वह नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय टेरिफ को देखते हुये सरकार द्वारा इस बजट में कुछ विशेष घोषणांए की गयी है। उन्होंने छोटे व मध्यम व्यापारियों के लिए की गई घोषणांओं का स्वागत किया।
चेंबर के उपाध्यक्ष सीए अश्विनी अग्रवाल ने कहा कि इस बजट में बैंकिंग सेक्टर रिफार्मस् को लेकर High-power Committee बनाने की घोषणा की गई है। हमारा माननीय वित्तमंत्री से निवेदन है कि इस समिती के द्वारा छोटे व मध्यम व्यापारियों के तकलीफों व अपेक्षाओं का ध्यान रखा जाए। पहले किसी कारणवश करदाता द्वारा टैक्स आॅडिट समय पर फाइल नहीं हो पाता था, तो उसके लिए जुर्माना लगता था, किंतु इस बजट में सरकार ने उसे फी में बदल दिया है अर्थात पहले परिस्थितीनुसार जुर्माना कम या ज्यादा या नहीं भी लगता था। किंतु अब करदाताओं को लेट फाइलिंग पर फी भरना अनिवार्य होगा, इससे छोटे व मध्यम व्यापारियों को परेशानी हो सकती है।
चेंबर के सचिव सीए हेमंत सारडा ने कहा कि यह एक साधारण बजट है। हमें उम्मीद थी कि इस वर्ष सरकार द्वारा AI और स्टार्ट अॅप सेक्टर के लिए विशेष घोषणाओं की उम्मीद थी किंतु इसमें कोई विशेष घोषणांए नहीं हुई, जो कि समय की जरूरत है। सरकार ने इस बजट में SMEs व MSMEs के लिए 10 हजार करोड़ के ग्रोथ फंड की घोषणा की है। इससे SMEs व MSMEs की क्रेडीट लाइन बढेगी और उनकी उत्पादकता बढ़ने से नए रोजगार का सृजन होगा।
चेंबर की प्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सीए संदीप जोतवानी ने कहा कि सरकार द्वारा गतवर्ष ही GST के प्रावधानों में बहुत बदलाव किए गए थे। अतः इस वर्ष GST मे कुछ ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं थी। पुरे बजट को देखा जाए तो सरकार ने मेडीकल हब, फार्मा, मरीन बिजनेस को बढ़ावा दिया है। इस बजट की सबसे अच्छी बात है कि सरकार ने इस बार कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है इससे युवा उद्यमियों को बहुत फायदा मिलेगा और व्यापार जगत में रोजगार के नए अवसर निर्माण होगे।
चेंबर की प्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सीए उमंग अग्रवाल ने कहा कि यह मिला-जुला बजट है। सरकार द्वारा इस बार विशेष क्षेत्रों पर ध्यान न देकर सभी क्षेत्रो पर ध्यान देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर में MAT प्रणाली में बदलाव किया गया है, जो कि छोटे व्यापारियों के लिए तकलीफदेह हो सकता है।
चेंबर के अप्रत्यक्ष कर समिती के संयोजक सीए रितेश मेहता ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र, Rare earth metal और केपीटल गुड्स पर विशेष ध्यान दिया है। इस बजट की अच्छी बात है सरकार द्वारा कंटनेर निर्माण करने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर चेंबर के सर्वश्री – अध्यक्ष – फारूक अकबानी, पुर्व अध्यक्ष – जगदीश जी बंग, दिपेन जी अग्रवाल, अश्विन प्रकाशजी मेहाड़िया (अग्रवाल), उपाध्यक्ष – स्वप्निल अहिरकर, सीए अश्विनी अग्रवाल, उमेश पटेल, सचिव – सीए हेमंत सारडा, कोषाध्यक्ष – सचिन पुनियानी, सहसचिव – दिपक अग्रवाल, मनीष जेजानी, अशोक संघवी, PRO – हुसैन एन. अजानी, मधुर बंग, मोहन गट्टानी, नटवर पटेल, राजुभाई माखीजा, राकेश गांधी, सलीम अजानी, सुनिल भाटिया, सुर्यकांत अग्रवाल, सीए उमंग अग्रवाल, गजानंद गुप्ता, योगेश भोजवानी, विशेष आमंत्रित सदस्य – सीए संदीप जोतवानी, अॅड. निखिल अग्रवाल, राहुल जैन, संदेश कनोजे, विनय जैन, व्यापार संगठन प्रतिनिधी – भास्कर अंबादे, जीवनलाल जैन, कमलकिशोर सारडा व बड़ी मात्रा में प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे।
उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सचिव सीए हेमंत सारडा ने दी।








