Published On : Thu, Dec 14th, 2017

6 हफ्ते का करें शीतसत्र अधिवेशन, नहीं तो बंद करें तमाशा : आशीष देशमुख

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नागपुर: विदर्भ को न्याय मिले यहां की समस्याओं का समाधान हो. इसके लिए शीतसत्र अधिवेशन नागपुर में शुरू किया गया था. लेकिन दस से बारह दिनों के कामकाज से विदर्भ को न्याय नहीं मिल सकता. जिससे वर्तमान में शुरू अधिवेशन कम से कम 6 हफ्ते लिए जाना चाहिए, अन्यथा अधिवेशन के नाम पर हर साल का तमाशा बंद किया जाना चाहिए. यह बात भाजपा विधायक डॉ. आशीष देशमुख ने कही है. देशमुख ने बताया कि विदर्भ महाराष्ट्र में विलीन होने से पूर्व नागपुर मध्यप्रांत की राजधानी थी.

उस दौरान मुंबई राजधानी होनेवाली थी. जिसके कारण विदर्भ की समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्कालीन नेताओं ने नागपुर करार किया था. जिसके कारण ही शीतसत्र अधिवेशन की शुरुआत नागपुर में हुई. सरकार का सारा कामकाज नागपुर से हो ऐसी नागपुर की जनता की अपेक्षा थी. वर्षों से अधिवेशन से पहले और बाद में सरकार का कामकाज यहां से हो इसकी भी सभी को आशा थी. लेकिन दस से पंद्रह दिनों के बाद सभी मंत्री और सरकार मुंबई चले जाते हैं. इस वजह से विदर्भ की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है.

देशमुख ने आगे कहा कि विदर्भ के विकास के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता सिद्ध करने के लिए और विदर्भ को न्याय दिलाने के लिए अधिवेशन 6 सप्ताह तक जारी रखा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर सरकार से यह भी नहीं होगा तो यह अधिवेशन का तमाशा बंद कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है. उन्हें पता है ज्यादा दिनों तक विदर्भ का कामकाज शुरू रहने से विदर्भ के हित में होगा. उन्होंने कहा कि सभागृह महीना डेढ़ महीना चलने से प्रदेश के हित में कई निर्णय होंगे. साथ ही करोड़ों रुपए का खर्च भी सार्थक होगा. जिसके कारण नौकरशाही को भी गंभीरता से सभी को प्रतिसाद देना होगा.