Published On : Wed, Sep 28th, 2016

मणप्पुरम गोल्ड लोन से लुटेरे उड़ा ले गए 9 करोड़ का सोना

Manappuram Gold

नागपुर : शहर के जरीपटका इलाके में स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा से 6 नकाबपोश बदमाशो ने करीब 30 किलो सोना और ढाई लाख रूपए लूट लिए। यह वारदात दोपहर करीब 4:00 बजे इलाके के भीम चौक स्थित शाखा में हुई। लूटे गए सोने की कीमत करीब 9 करोड़ रूपए आंकी गई है। दिन दहाड़े लुटेरो द्वारा अंजाम दी गई इस वारदात ने शहर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। शहर में किसी बैंक या लोन कंपनी में सोने की लूट का अब तक का यह सबसे बड़ा मामला है। इस वारदात ने फिर एक बार साबित कर दिया की अपराधियो के हांथो पुलिस कितनी लाचार है।

यह इलाका झोन 6 अंतर्गत आता है जिसकी कमान तेजतर्रार आईपीएस अविनाश कुमार के हाँथो में है। बैंक कर्मियों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि दोपहर करीब 4 बजे कुल 6 नकाबपोश बदमाश शाखा के अंदर घुसे। इनके हाँथो में बंदूक थी जिसे वो हवा में लहरा रहे थे। बैंक में घुसते ही सभी आरोपी गालियां दे रहे थे इतने में एक आरोपी ने शाखा को अंदर से लॉक कर दिया। आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देते हुए सब के मोबाइल छीन कर लॉकर में रख दिए। फिर जबरन लॉकर की चाभी छीनकर साथ में लाये दो बैग में सोना और पैसे उसमे भरे। कुछ ही मिनटो में शाखा के अंदर रखे सभी कीमती सामान को लूट कर आरोपी बड़ी आसानी से बाहर निकले और फरार हो गए। आरोपियों की सारी करतूत सीसीटीवी में कैद हो चुकी है। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बहार निकले और मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा को बाहर से लॉक कर दिया।

लुटेरों के शाखा से जाने के बाद बैंककर्मियों ने साइरन बजाया जिसे सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुई और बाहर से दरवाजा तोडा। जिसके अंदर मौजूद लोग बहार निकले और अंदर घाटे सरे वाकये की जानकारी आम लोगो को हुई। जिसके बाद तुरंत पुलिस को खबर दी गई। इतनी बड़ी लूट की खबर पाकर खुद पुलिस आयुक्त के वेंकटेशन, सहायक आयुक्त संतोष रस्तोगी और डीसीपी अविनाश कुमार मौकाए वारदात पर पहुँचे। घटना के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम और डॉग स्कॉड को भी तलब किया गया जिससे लूट को अंजाम देने वाले आरोपियों का सुराग इकट्ठा किया जा सके। डीसीपी अविनाश कुमार ने घंटो तक बैंक में उपस्थित रहकर सीसीटीवी फुटेज की जाँच की।

बड़ी वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल
शहर पुलिस भले ही शहर में अपराध की कमी का दावा करती हो पर बीते कुछ दिनों में हुई वारदाते पुलिस दावे को सिरे से ख़ारिज करती है। इसी महीने दिनदहाड़े बुजुर्ग आर्किटेक और पुलिस थाने के सामने बुजुर्ग महिला की हत्या हो गई। और अब यह घटना शहर के निवासियों को असुरक्षा का आभास करा रही है। पुलिस की नाकामी से आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि पहले रात में वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी दिन के उजाले में भी पुलिस का ख़ौफ़ नहीं खाते।

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प्लानिंग कर वारदात को दिया अंजाम

वारदात को अंजाम देने की परिस्थियों को देखते हुए कयास लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए काफी पहले से प्लानिंग कर रखी थी। आरोपियों को सारी स्थितियों का पहले से ही अंदाजा था। कई दिनों तक बैंक की रेकी की गई स्थिति का जायजा लिया और अपने मकसद को अंजाम दिया।

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सुरक्षा में हुई भारी लापरवाही

आम तौर पर बैंक में या लोन देने वाली कंपनी के बंदूखधारी सुरक्षा रक्षक मौजूद होता है पर इस शाखा में कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। यह बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। यहाँ काम करने वाले लोगो के मुताबिक इस शाखा में सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किये गए है। यहाँ कोई भी असानी से आ जा नहीं सकता। चश्मा और हेलमेट लगाकर आने पर भी पाबंदी है। यह शाखा अंदर से लॉक रहती है किसी ग्राहक के यहाँ आने पर अंदर से ही दरवाजा खोला जाता था। इतने सारे इंतज़ाम के बाद भी यह वारदात कैसे हो गई यह बड़ा सवाल है।