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    Published On : Fri, Aug 24th, 2018

    जाति वैधता प्रमाणपत्र को लेकर मौसम विभाग ने किया २७ कर्मचारियों को निलंबित

    Gavel, Court

    Representational Pic

    नागपुर : मौसम विभाग के नागपुर प्रादेशिक कार्यालय के अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग से २७ कर्मचारियों को जाति वैधता प्रमाणपत्र न होने पर निलंबित कर दिया. इन पर विभागीय जांच बैठाई गई है. साथ जाति प्रमाणपत्र कानून की धारा ७ के तहत मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ से अपील की है.

    याचिकाकर्त्याओं में विनायक नंदनवार व अन्य कर्मचारियों का समावेश है. इनमें हलबा, छत्री व नहुल जाति के होने का दावा यातिका में किया गया उन्हें १९७८ से १९९१ के कालावधि का जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया है. उस आधार पर उन्हें १९८२ से १९९८ के कालखंड में अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिए आरक्षित जगह पर नियुक्ति दी गई थी. नियुक्ति के समय जाति प्रमाणपत्रों की जांच भी की गई थी.

    ऐसे में दूसरी बार जांच करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. लेकिन जाति प्रमाणपत्र कानून के कलम ७ अनुसार जाति प्रमाणपत्र की जांच न करने को लेकक मौसम विभाग ने १३ अगस्त २०१८ को निलंबन की कारवाई की. इससे पहले १६ जुलै २०१८ को विभागीय जांच में दोषारोप सिध्द किया गया. ये संपूर्ण कारवाई अवैध है. इसलिए विभागीय जांच व निलंबन का आदेश रद्द किया जाए और जाति प्रमाणपत्र कानून के कलम ७ की व्यवस्था के तहत इस कार्रवाई को संविधान बाह्य घोषित करने की मांग याचिकाकर्त्याओं की ओर से की गई है.

    केंद्र व राज्य सरकार को नोटीस
    उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तीद्वय भूषण धर्माधिकारी व मुरलीधर गिरटकर ने गुरुवार को मामले पर सुनावाई करते हुए मौसम विभाग के महासंचालक व राज्य के मुख्य सचिव को नोटीस भेज तीन सप्ताह में उत्तर दायर करने का आदेश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से एड. तुषार मंडलेकर व एड. रोहन मालविया ने कामकाज देखा.


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