Published On : Tue, Mar 3rd, 2015

वरुड : 2 दुष्कर्मी को उम्रकैद

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वरुड (अमरावती)।
लाज में ठहरने वाली महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म करने के आरोप में आरोपी देवेंद्र मधुकर रुद्राकर (30, किन्हाला, आष्टी, वर्धा) तथा गोपाल महादेव म्हस्के (32, मांगरुली, वरुड) को जिला व सत्र न्यायाधीश (क्र.1) ओ.पी.जयस्वाल की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. दुष्कर्म की यह घटना 2 अप्रैल 2012 की मध्यरात वरुड़ के केदार चौक स्थित बाम्बे लाज में हुई थी. वर्धा जिले के साउर ग्राम में रहने वाली 45 वर्षीय उसके बेटी के घर गई थी, यहां से लौटते समय वरुड़ बस स्टैंड पर उसे देर रात होने से वह केदार चौक स्थित बाम्बे लॉज में ठहरी, जिसके साथ गांव का पुंडलिक दंडाले था.

वरुड़ के लाज की घटना
मध्यरात्रि को पुंडलिक लघुशंका के लिए बाहर गया, इस दौरान देवेंद्र व गोपाल महिला की रुम में घुस गये, जिन्होंने उससे सामुहिक दुष्कर्म किया. इस दौरान रमेश परतेती सभी हलचल पर नजर रखे हुए था. पुंडलिक के लौटकर आने पर दोनों आरोपियों ने उसे भी बंधक बना लिया. पुंडलीक ने तत्काल ही शोरगुल मचाना शुरु किया. जिससे लॉज संचालक जोशी वहां पहुंच गया. जोशी ने दोनों को छूड़वाया. वरुड़ पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. तत्कालीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी डा.काकासाहेब गोले ने प्रकरण की जांच कर 15 जुन 2012 को चार्जशीट दायर की. इसी मामले में कोर्ट में 4 गवाह व सहायक सरकारी वकील परिक्षीत गणोरकर की दलीलों पर गोपाल व देवेंद्र पर आरोप सिध्द हुआ, जबकि रमेश को बाइज्जत बरी किया गया. कोर्ट ने गोपाल व देवेंद्र को दफा 376 (2), (ग) में उम्रकैद व पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई. जुर्माने की रकम ना देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद, 341 में 1 महिने की सजा व 500 रुपए जुर्माना, दफा 342  में 1 वर्ष कैद व 1 हजार जुर्माना की सजा  सुनाई.

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