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    Published On : Tue, Jan 3rd, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    नोटबंदी के बाद राज्य में 112 जगह कार्रवाईयां, 200 करोड़ की निधि घोषित

    notes
    नागपुर:
    नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने महाराष्ट्र राज्य में अकेले 112 ठिकानों पर कार्रवाईयां की। इन कार्रवाईयों में 200 करोड़ रुपए की घोषणा लोगों द्वारा की गई है जिसमें 45 करोड़ रुपए नकद राशि जमा कराई गई है। नागपुर में ऐसे तकरीबन 50 आईटी सर्वे कराए गए हैं। यह जानकारी राज्य के आयकर विभाग महानिदेशक (जांच) राकेश कुमार गुप्ता ने दी। वे मंगलवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए रामदास पेठ के एक होटल में रखे गए सेमिनार को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मंच पर आईटी अन्वेशन विभाग के प्रधान निदेशक सुरेश बत्तिनी भी प्रमुखता से उपस्थित थे।

    श्री गुप्ता ने बताया कि विभाग कालाधन रखनेवालों की तादात जानने के िलए सरकार तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास मानव संख्या कम है लिहाजा आधुनिक तकनीक का भरसक इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग लगातार सर्वे कर कालाधन जमा कर रखनेवालों की टोह ले रहा है। योजना के तहत कालाधन रखनेवालों की निधि में से 49.90 प्रतिशत टैक्स वसूलकर शेष निधि को सफेद कमाई में तब्दील करने का मौका सरकार दे रही है। लेकिन इसके बाद कालाधन का रिर्टन भरने पर 77.25 प्रतिशत टैक्स वसूली होगी। 87.25 प्रतिशत टैक्स वसूली रिटर्न ना भरने लेकिन जोड़े जाने पर चुकाना होगा। लेकिन अगर विभाग की जांच के दौरान कालेधन की रकम की कबूली देनेवाले से 107.25 प्रतिशत टैक्स वसूली होगी। वहीं जांच में कालाधन बरामद होने के बाद उसे संबंधित व्यक्ति की आय का हिस्सा मानते हुए 137.25 प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा। इस सेमिनार में शहर के सीए, व्यापारियों, व्यापार संगठनों समेत तकरीबन 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

    अपने सरल लेकिन सख्त लहजे में श्री गुप्ता ने सभागृह में उपस्थित लोगों, विशेष रूप से सीए सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि कालाधन की घोषणा करनेवालों को इस योजना के बारे में अधिक से अधिक सूचना पहुंचा मकसद है। इस आखरी मौके के बाद भी अगर कोई आय घोषित नहीं करता है तो कालाधन रखनेवालों को सख्त कार्रवाईयों का सामना करना पड़ेगा। सेमिनार के दौरान यह भी बताया गया कि इस योजना के तहत जो निधि बैंक में जमा होगी आरबीआई उसके िलए एक डिमांड नोट जारी करेगा। वह डिमांड नोट अहस्तांतरणीय होगा। जमा की गई निधि में से वसूली जानेवाले टैक्स में से 25 प्रतिशत योजना के िलए दिए जाएंगे। योजना के तहत घोषित किए जानेवाले निधि को आय में नहीं गिना जाएगा, ना ही आगे उसे किसी साक्ष्य के तौर पर देखा जाएगा। रकम घोषित करने के बाद रकम के आंकड़ों को लेकर रिविजन संभव है। लेकिन सुधारे गए आंकड़े पहले के मुकाबले अगर कम भी होंगे तो भी वसूला गया कर वापस नहीं होगा। वसूला गया कर नहीं लौटाया जाएगा। आय घोषित करते समय पैन नंबर देना जरूरी होगा।

    जिसके पास नहीं है उन्हें पैन कार्ड के लिए आवेदन करना होगा, इसके बदले जी जानेवाली रसीद का नंबर भी उपलब्ध करा के निधि घोषित की जा सकती है। पैसा अधिकृत केंद्रों मसलन आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त बैंक, बैंकिंग कम्पनियों, डाक घर, उप डाकरघर आदि स्थानों में पैसे जमा कर सकते हैं। सहकारी संस्थाएं नोटबंदीवाले 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को नहीं स्विकार कर सकते हैं। योजना की अवधि समाप्त होने पर रकम का ब्यौरा ना दे पाने की सूरत में बेनामी कानून के तहत रकम जब्त कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रवासी भारतीय जो 8 नवंबर 2016 से देश से बाहर है उनके ही पुराने नोट अब स्विकार्य होंगे।


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