Published On : Sat, Aug 9th, 2014

भंडारा : ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं से जन-सहयोग की शर्त हटी

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राज्य सरकार का फैसला, ग्रामीणों और स्थानीय निकायों को मिली राहत

भंडारा

Water tank
सरकार ने राज्य में जारी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की जन-सहयोग की शर्त को हटा दिया है. 2 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया. इस फैसले से ग्रामीणों और स्थानीय निकायों को काफी राहत मिली है. पहले ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 10 फीसदी जन-सहयोग आवश्यक था. इस प्रावधान के चलते अनेक जलापूर्ति योजनाएं लंबित पड़ीं थी.

मेरी योजना मेरी जिम्मेदारी
ग्राम स्तर पर कार्यान्वित होने वाली जलापूर्ति योजनाओं को लेकर नागरिकों में एक अपनत्व की भावना पैदा करने और ‘मेरी योजना मेरी जिम्मेदारी’ के तौर पर मरम्मत आदि ग्राम स्तर पर ही करने के उद्देश्य से सरकार ने यह योजना चलाई थी. मांग आधारित जन-सहयोग की नीति के मुताबिक योजना के कुल ढांचागत खर्च का 10 प्रतिशत जन-सहयोग से जुटाया जाता था. लेकिन योजनाओं की कीमतों को देखते हुए ग्रामीणों और स्थानीय निकायों के लिए जन-सहयोग से राशि जुटाना भारी पड़ने लगा. हालांकि इस योजना में समय-समय पर छूट भी दी जाती रही.

राज्य सरकार पर बढ़ता बोझ
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह देखने में आया कि जन-सहयोग की शर्त से योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब, केंद्र से मिलनेवाली निधि के पर्याप्त मात्रा में खर्च नहीं होने और योजनाओं के समय पर पूरी नहीं होने के कारण उनकी बढ़ती लागत और इससे राज्य सरकार पर बढ़ते बोझ को देखते हुए राज्य सरकार के लिए जन-सहयोग की इस शर्त को हटाना जरूरी हो गया था. सरकार ने जन-सहयोग की शर्त को हटा जरूर दिया है, मगर जलापूर्ति योजनाओं के विनियोजन , क्रियान्वयन और देखभाल-मरम्मत के लिए जन-सहयोग की नीति लागू रहेगी.

10 प्रतिशत का भुगतान एक साल बाद
राज्य सरकार के जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग द्वारा 9 जुलाई 2014 को जारी आदेश के मुताबिक जिन ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए पूर्णतः अथवा आंशिक जन-सहयोग की राशि जमा की गई होगी वह संबंधित स्थानीय निकायों अथवा क्रियान्वयन विभाग को वापस नहीं की जाएगी. ऐसी जलापूर्ति योजनाओं का बकाया जन-सहयोग प्रावधान जलापूर्ति योजनाओं की कीमत में शामिल किया जाएगा. उसी तरह योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार से दी जानेवाली निधि चार किश्तों में दी जाएगी. तीन प्रारंभिक किश्तें 30-30 प्रतिशत के हिसाब से दी जाएंगी और 10 प्रतिशत की अंतिम किश्त का भुगतान योजना पूर्ण होने के बाद एक साल तक योजना को सफलतापूर्वक चलाने के बाद किया जाएगा.

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