Published On : Wed, Jul 9th, 2014

बेला : कृषिमित्र ने बैंक मैनेजर की मदद से हडपे बीज क़र्ज़ क़े पैसे

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बेला

कृषि मित्र की ओर से गरीब किसानों के बीज क़र्ज़ के पैसे गबन क़र लेने की घट्ना पीपला में हुई है जिसमे बैंक मैनेजर के साथ मिलीभगत कर गरीब किसानों के हक के पैंसे लूटने का काम कृषिमित्र ने किया है.

राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से किसानों को आर्थिक मदद के रूप में बीज क़र्ज़ देने की योजना चलाई जा रही है. यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, शाखा पिपला मे किसानों को कागज़ातों के बारे में समझाने और फॉर्म आदि भरने मे किसानों की मदत क़े लीए कॄषि मीत्र की नियुक्ती कि गई है. कंठीराम चंदनखेड़े की मदद से पिपला क़े एक गऱीब किसान अमोल ढबाले ने बीज क़र्ज़ केलिए केस पेपर तैयार कीए. कंठीराम ने किसान अमोल ढबाले से 10 हज़ार की मांग की लेकिन अमोल ने पैंसे देने से इनकार कर दिया. कंठीराम ने केस बैंक में दाखिल किया. बैंक से 75000 हज़ार रूपए मंज़ूर हुए.

किसान अमोल ढबाले कि मानें तो कंठीराम ने कागज़ातों पर दस्तख़त लेते वक़्त कोरे विड्रॉल फ़ॉर्म पर अमोल ढबाले के दस्तखत लीए. अमोल ढबाले के मुताबिक़ उसने 75000 में से 16 हज़ार रूपए निकाले थे और बाक़ी पैसे अकाउंट में ही छोड़ दीए. 3/6/2014 को अमोल ढबाले को पता चला की उसके बैंक खाते से 35000 निकाले गए हैं जो की उसने नहिं निकाले . पासबुक में एंट्री करवाने पर ये साफ़ हो गया की किसी और ने अमोल ढबाले के बैंक खाते से पैसे निकाले हैं.

इस संदर्भ में जब अमोल ढबाले ने बैंक मैनेजर मेश्राम से संपर्क किया तो मेश्राम ने जानकारी दी की खाते में से कृषी मित्र क़े बोलने पर पैंसे किसान संजय बेले क़े खाते में जमा किए गए हैं. जब अमोल ढबाले ने पूछा की बीना मेरी इजाजत के मेरे खाते से पैसे क्यूँ ट्रांसफर किए गए तो इसका कोई जवाब मैनेजर मेश्राम के पास नहीं था. अमोल ढबाले के खाते से पैसे निकाले जाने का रिकॉर्ड पासबुक औऱ लेज़र बुक में है लेकिन संजय बेले के खाते में पैसे जमा होने के बारे में कहीं एंट्री नहीं है इसलिए अमोल ढबाले का आरोप है की कृषी मित्र औऱ मैनेजर एक दूसरे से मिले हुए हैं.

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जब अमोल ढबाले ने बेला पोलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई तब मामले को नहीं बढने देने क़े लीए कृषिमित्र कंठीराम चंदनखेड़ा ने अमोल ढबाले को 35 हज़ार रूपए बैंक मैनेजर के कहने पर दिए. आए दिन इस तरह की धोखाधड़ी के मामले सामने आते है और इसलिए इस मामले में उचित जांच कर कारवाइ करने की मांग गांववासियों ने की है.

शिवसेना विभाग प्रमुख प्रशांत पाहुणे ने कृषिमित्र कंठीराम चंदनखेड़ा को निष्कासित करने की मांग की है.

Representational pic

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