Published On : Mon, Apr 21st, 2014

चंद्रपुर: गर्मी आते ही जंगल से सटे गांवो में बढ़ा वन्यप्राणियों का खतरा

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बाघ ने किया ग्रामीण का शिकार 

चंद्रपुर.

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गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले के जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों के हमलों की घटनाए बढ़ने लगी है. पोंभुर्णा तहसील के भटारी में रविवार को तड़के चंद्रपुर वनविकास महामंडल के चन्दा डिवीजन के कंपार्टमेंट क्र. 11 में एक बाघ ने सूखी लकडियां चुनने गए एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया मृतक का नाम भटाली निवासी प्रकाश लिंगाजी पेंदोरे (38) है. इस घटना में एक अन्य ग्रामीण घायल हो गया. शव की तलाश करते समय बाघ ने पुलिसकर्मियों और वनाधिकारियों पर भी हमले का प्रयास किया. उन्होंने ग्रामीणों की मदद से बाघ को जंगल में खदेड़ दिया. इस क्षेत्र में अब तक 4 लोग बाघ के हमले का शिकार हो चुके हैं. ग्रामीणों ने बाघ के हमलों को देखते हुए उनके जान और माल की रक्षा के लिए उपाय करने की मांग करते हुए पेंदोरे का शव उठाने से इंकार कर दिया. इससे परिसर में तनाव की स्थिति निर्माण हो गई थी. दोपहर 1 बजे लिखित आश्वासन मिलने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.

क्षेत्र में अब तकलोगों की जान गई 

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पोंभुर्ण तहसील के भटारी गांव के 6 मजदूर कोठारी – भटारी मार्ग से रविवार को तड़के वैन विभाग के वहान पर लकड़ा भरने के लिए कोठारी मार्ग से अपने-अपने भोजन के डब्बे लेकर जा रहे थे. भटारी से 1 किमी दूरी पर बाघ को देख उन्होंने अपने भोजन के डिब्बे बजाकर और शोर कर उसे भगाने का प्रयास किया. बाघ को हटता नहीं देख उन्होंने दूसरे मार्ग से जाने का प्रयास  किया. परंतु वह बाघ उस मार्ग पर भी आ धमका, जिसे देख सभी पेड़ पर चढ़ गए. इस बीच, जिस पेड़ पर प्रकाश और साथी गणपत पंदोरे चढे थे, उसकी शाखा टूटने से दोनों नीचे गिर गए. तभी बाघ ने दोनों पर हमला गणपत के पैरों पर पंजा मरकर उसे घायल कर दिया और प्रकाश के गले पर उसने दांत गड़ा दी,  जिससे उसकी मौत हो गई.

पुलिस पर भी किया हमला 

अन्य लोगों ने तत्काल गांव पहुंचकर इस घटना की सूचना पुलिस को दी. पुलिसकर्मी जब शव की  तलाश कर रहे थे, उसी समय एक पुलिसकर्मी पर उस बाघ ने हमला कर दिया. जान बचा कर वह पेड़ पर चढ़ गया, सीटी बजाई और सभी को अपने पास बुलाया. इसी बीच, आरएफओ उके का भी बाघ से सामना हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने से बाघ जंगल में भाग गया.

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