Published On : Tue, Jul 1st, 2014

खामगांव : बारिश में विलंब से सब-कुछ सूखा

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पूरे बुलढाणा जिले में बुआई प्रभावित


फसलों के उत्पादन, कीमतों पर भी असर


खामगांव

बारिश में विलंब से पूरे बुलढाणा जिले में बुआई प्रभावित हुई है. इसका असर न सिर्फ फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा, बल्कि कीमतें भी प्रभावित होंगी. इससे किसानों के साथ व्यापारी भी परेशान हैं. सबकी नजर अब 6 जुलाई पर टिक गई हैं. मौसम विभाग ने इसी दिन मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है.

उत्पादन में कमी और गुणवत्ता पर असर
पिछले साल की तुलना में इस साल जून ने किसानों के उत्साह पर पानी फेर दिया है. खेतों में काम नहीं है तो खेत मजदूर भी खाली बैठे हैं. जुलाई शुरू हो चुका है, फिर भी तुअर, उड़द, मूंग, ज्वार, मक्का, सोयाबीन आदि फसलों की बुआई तक नहीं है. बुआई में विलंब से उत्पादन में कमी और गुणवत्ता पर असर पड़ने की संभावना है. मोताला तहसील के कुछ गांवों में कपास की फसल को बचाने के लिए 2 हजार लीटर के टैंकर के लिए एक से डेढ़ हजार रुपए चुकाने पड़ रहे हैं.

खेत-जंगल तक वीरान
बारिश में विलंब के कारण खेत ही नहीं जंगल तक वीरान और सूखे नजर आ रहे हैं. पेड़-पौधे मुरझा गए हैं. कुछ सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं. पशु –
पक्षी भी पानी के अभाव में इधर से उधर भटक रहे हैं. अनेक पंछी और जीव खामगांव-बुलढाणा मार्ग पर मृत अवस्था में पाए गए हैं. शायद पानी की तलाश उन्हें यहां तक खींच लाई होगी और वे अपनी जान गंवा बैठे.

औसत से 40 प्रतिशत वर्षा
अब मौसम विभाग ने 6 जुलाई को मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग ने बताया कि 24 जून तक देश के विभिन्न हिस्सों में औसत से 40 से 45 प्रतिशत ही वर्षा हुई है. केंद्रीय मौसम विभाग ने कहा है कि 6 जुलाई के बाद अधिक वर्षा हो सकती है.

बारिश की तहसीलवार स्थिति इस प्रकार है –
chart of khamgaav

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