Published On : Thu, May 29th, 2014

उमरखेड : पैनगंगा नदी किनारे बसे तीन गावों के पुनर्वसन को लेकर राज्य सरकार उदासीन

Advertisement


बाढ़ के डर के साए में लोग

उमरखेड

बीते जुलाई-ऑगस्ट-सितम्बर महीनों में हुई अतिवृष्टि की वजह से वैनगंगा नदी में चार बार बाढ़ आई. नदी से लगे तीन गाँवों पड़शी, संगम (चिंचोली) व देवसरी के रहवासियों को उमरखेड शहर व पोफाली (वसंतनगर) में स्थानांतरित किया गया था. इस प्राकृतिक आपदा को बीते 10 महीने से ऊपर का समय बीत गया है लेकिन सुस्त पुनर्वसन विभाग व राजयसरकार ने अभी तक बारिश के पहले सुरक्षा इंतज़ाम के कदम नहीं उठाए हैं. ये गाँववासी अब भी डर के साए में जी रहे है. अतिवृष्टि से नदी के किनारों से लगी खेती की जगह बह जाने से किसानों के हाँथ कुछ नहीं बचा है.

पड़शी, संगम (चिंचोली) व देवसरी ये तीनों गाँव नदी के मुहाने पर होने के कारण हर बार इन गावों में बाढ़ का पानी घुस जाता है. सरकार सालों से इन गांवों के पुनर्वसन का प्रयास करने का दावा तो करती है लेकिन अब तक इन गांवों के लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं.

पड़शी पुनर्वसन समिति के सचिव ब. म. शर्मा व समिति के सहकारी पदाधिकारीयों ने बरसात के पहले पुनर्वसन के लिए योग्य कदम उठाने की माँग की है.

Advertisement
Representational Pic

Representational Pic

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.