Published On : Mon, Aug 4th, 2014

हिंगनघाट : पुलिस ने समय-रहते सुलझाया मामला


अन्नाभाऊ साठे के नामफलक पर गोबर पोतने से हुआ था तनाव


हिंगनघाट

पुरानी बस्ती हनुमान वार्ड में अन्नाभाऊ साठे के नामफलक पर गोबर पोतने के बाद पैदा हुआ तनाव पुलिस की सजगता और समयसूचकता के कारण कल दोपहर को निपटा लिया गया. 2 अगस्त को हुई इस घटना से मातंग समाज की भावनाएं आहत हो गर्इं थी. पुलिस ने दोनों गुटों के लोगों पर मामला दर्ज किया है.

3 अगस्त रविवार को मातंग समाज के 500 से अधिक स्त्री-पुरुष पुलिस स्टेशन पर मोर्चा लेकर पहुंचे थे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत किया था. हिंगनघाट की इस घटना का असर विदर्भ के गोंदिया, वाशिम, यवतमाल, चंद्रपुर सहित अनेक शहरों-गांवों में भी देखा गया. विभिन्न इलाकों से लोग यहां आए थे. इस आंदोलन का नेतृत्व क्रांतिगुरु लहूजी सालवे मातंग समाज के जिलाध्यक्ष अमोल खंडार, पूर्व नगरसेवक गजानन मुंगले, संग्राम तलणे, बहुजन रैयत परिषद के अजय डोंगरे, राजेश खडसे और विजय बावणे ने किया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार हर साल मातंग समाज के लोग हनुमान वार्ड स्थित मातंग बस्ती में 1 अगस्त को क्रांतिवीर अन्नाभाऊ साठे की जयंती मनाते हैं. 2 अगस्त को अन्नदान कार्यक्रम के बाद अन्नाभाऊ साठे के नामफलक के पास कुछ युवक जुआ खेल रहे थे. इन्हें नीता अमर तलणे नामक महिला ने वहां से भगाया. लेकिन युवकों ने महिला से गाली-गलौज की, उन्हें जान से मारने की धमकी दी और फलक पर गोबर पोत दिया.


पुलिस ने विशाल धनरेल, नरेंद्र धनरेल, चेतन धनरेल, संदेश तामगाडगे, लक्ष्मीकांत तामगाडगे, राकेश तामगाडगे, नितिन मून, नितिन लढे के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. दो आरोपियों को कब्जे में भी लिया गया है. दूसरे गुट की शिकायत के बाद पुलिस ने चंदू खंदार, श्रीकांत खंदार, कपिल पोटफोडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मामले की आगे जांच की जा रही है. विधायक अशोक शिंदे, समीर कुणावार ने आकर घटना के संबंध में जानकारी हासिल की.

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