Published On : Mon, Aug 25th, 2014

वाशिम : खुले में शौच से मुक्ति का संकल्प


जिला परिषद 493 ग्राम पंचायतों के लिए कार्य- योजना बनाएगी


वाशिम

khule mein shauch muktataa
वाशिम जिला परिषद ने खुले में शौच से मुक्ति का संकल्प लिया है. इस संकल्प को कार्यान्वित करने और इस मुहिम को गति देने के लिए जिला पानी व स्वच्छता मिशन के तत्वावधान में चरणबद्ध तरीके से 493 ग्राम पंचायतों के लिए कार्य- योजना बनाने का काम आरंभ हो गया है.

ग्राम पंचायतों का बेसलाइन सर्वे
जिला परिषद के पानी व स्वच्छता मिशन की ओर से विभिन्न ग्राम पंचायतों में पानी व स्वच्छता से संबंधित सेवा और सुविधाओं के बारे में जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन कार्यक्रमों द्वारा ग्रामीणों को शौचालयों के निर्माण और उनके इस्तेमाल के बारे में प्रेरित किया जाता है. इस दृष्टि से विगत दिनों ग्राम पंचायतों का बेसलाइन सर्वे किया गया था. लेकिन इस सर्वे में अनेक त्रुटियां रह गईं. इसका परिणाम यह हुआ कि शौचालयों के निर्माण के बाद भी अनेक लाभार्थियों को प्रोत्साहन लाभ ही नहीं मिला.

ग्राम पंचायत का डेटा संकलन जारी
इसी के मद्देनजर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रुपेश जयवंशी ने अनुदान वितरण की विशेष मुहिम हाथ में लेकर जिले को निर्मल बनाने का संकल्प लिया है. अब ग्राम पंचायत का संपूर्ण डेटा संकलित किया जा रहा है. इसी के आधार पर एक कार्य योजना बनाई जाएगी. 493 ग्राम पंचायतों की कार्य योजना चरणबद्ध तरीके से बनाई जा रही है.

आंतर व्यक्ति संवाद उपक्रम
पूरी दुनिया में विष्ठा के माध्यम से जलस्त्रोत दूषित होता है और उससे विभिन्न रोगों का फैलाव होता है. इन रोगों से कई लोगों की मृत्यु भी होती है. बावजूद इसके जनमानस में शौचालय के इस्तेमाल के प्रति उदासीनता नजर आती है. इसी के चलते ग्रामीण इलाकों में जनता के बीच स्वच्छता के संबंध में साक्षरता और जल-साक्षरता जरूरी है. इसी की दृष्टि से पानी व स्वच्छता मिशन की ओर से आंतर व्यक्ति संवाद उपक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

समन्वयकों का प्रशिक्षण
पानी व स्वच्छता मिशन की ओर से जिले के 40 अधिकारी, कर्मचारी और समन्वयकों का तीन दिवसीय निवासी प्रशिक्षण कार्यक्रम हाल में संपन्न हुआ. विभिन्न अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया. विभिन्न जानकारियां भी दी गई. इस तरह गांवों की एक कच्ची कार्य योजना बनाई गई.

इस उपक्रम के लिए जिला कक्ष के जिला समन्वयक राजू सरतापे, सुमेर चाणेकर, सूचना विशेषज्ञ राम श्रृंगारे, प्रफुल काले, शंकर आंबेकर, प्रवीण आव्हाड़े, पी. वी. चव्हाण सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे.