Published On : Mon, Jul 28th, 2014

वर्धा : ट्रक किसी का, माल किसी का, और पैसा जेब में


अभिनव तरीके से चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश


वर्धा

samudrpur
वर्धा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है जो दूसरों के वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसमें ट्रांसपोर्ट कंपनी की मार्फ़त कृषि माल भरते थे और उस माल को निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बजाय उसे बाजार में बेच दिया करते थे. पुलिस की पूछताछ में गिरोह ने अब चंद्रपुर, परली बैजनाथ और जलगांव से माल चोरी करने की बात कबूल की है.

ऐसे हत्थे चढ़ा गिरोह
हुआ यूं कि मेहकर निवासी ट्रक चालक मो. इरफ़ान मो. करीम ने साईबाबा लारी अरेंजर्स हिंगणघाट से 7,43,745 रुपए मूल्य की 200 बोरे सोयाबीन की बिल्टी ली और हिंगणघाट तहसील के ग्राम उबदा की गुरुदेव फैक्टरी से माल अपनी गाड़ी में भरा. करीम को यह माल हिंगणघाट के संजय तुलसीदास दुल्लानी को पहुंचाना था. मगर माल उन तक पहुंचा ही नहीं. मामला पुलिस में गया तो समुद्रपुर पुलिस ने संजय दुल्लानी की शिकायत पर मामला दर्ज किया. करीम जिस ट्रक में माल लादकर ले गया था उसका क्रमांक एम.एच. 18 एए 5228 था.

पुलिस भी चौंकी
जांच की सुई घूमी तो पुलिस भी चौंक गई. जांच में पता चला कि करीम ने जिस ट्रक में माल लादा था, उसके दस्तावेज और करीम का लाइसेंस दोनों फर्जी पेश किए गए थे. यानी ट्रक करीम का नहीं था. समुद्रपुर पुलिस के साथ ही वर्धा पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले की एक समानांतर जांच शुरू की. और जांच में उसके साथ पूरा गिरोह ही आ गया. इसमें शेख बशीर शेख रहमान (38) धोत्रा (भंगूजी) निवासी, अब्दुल शाकिर अब्दुल जाकिर (34) खामगांव निवासी, सागर अजय साहू (21) अमरावती निवासी, शहजाद अहमद इक़बाल अहमद (29) खामगांव निवासी, अजय चुन्नीलाल साहू (52) अमरावती निवासी, भीे पुलिस के हत्थे चढ़ गए.

चोरी का अभिनव तरीका
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह पहले विभिन्न तरीके से एक ट्रक जुटाता था. फिर ट्रक के जाली रजिस्ट्रेशन दस्तावेज तैयार करता था. इस बीच गिरोह का एक सदस्य ट्रांसपोर्ट कंपनी से संपर्क करता. उसके बाद जाली क्रमांक के ट्रक में माल भरकर ले जाया जाता. लेकिन वह माल कभी भी निर्धारित स्थल पर नहीं पहुंचता था. माल को बीच में ही बेच-बाच दिया जाता. उसके बाद खाली ट्रक मूल क्रमांक के साथ उसके मूल मालिक को लौटा दिया जाता. आरोपी अभी तक इसी तकनीक से चंद्रपुर से 20 टन काली मूंग, परली बैजनाथ से 20 टन सोयाबीन और जलगांव से 17 टन दाल की चोरी कर चुके हैं. पुलिस को शक है कि पूछताछ में और भी जानकारी उजागर हो सकती है.
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक अनिल पारस्कर और अपर पुलिस अधीक्षक टी. एस. गेडाम के मार्गदर्शन एवं पुलिस निरीक्षक एम. डी. चाटे के निर्देशानुसार एपीआय वी.बी. नाईक, हवलदार संजय गायकवाड़, मनोज नांदुरकर, सिपाही किशोर आप्तुरकर, अजय रिठे, कुलदीप टांकसाले, विलास लोहकरे और अजय वानखेड़े ने अंजाम दिया.