Published On : Fri, Aug 29th, 2014

यवतमाल : मनोहर नाईक होंगे बाहर, बेटा पुसद से उतरेगा मैदान में


Manohar naik
यवतमाल

बरसों महाराष्ट्र की धुरा संभालने वाले नाईक परिवार की तीसरी पीढ़ी अब विधानसभा के लिए तैयार हो चुकी है. राज्य के खाद्यान्न और औषधि आपूर्ति मंत्री मनोहर नाईक अब रिटायर्ड होना चाहते हैं. उन्होंने अपने बेटे और जिला परिषद के उपाध्यक्ष ययाति नाईक के लिए पुसद की टिकट मांगी है.

जलसंधारण के प्रणेता वसंतराव नाईक और उनके बाद सुधाकरराव नाईक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे. सुधाकरराव नाईक के भाई मनोहरराव नाईक पिछले 15 सालों से राज्य मंत्रिमंडल में हैं. उनकी काम करने की एक अलग शैली है. बंजारा समाज के वे आज भी नायक हैं. समाज उनकी बात की अवहेलना नहीं करता. पुसद विधानसभा क्षेत्र बंजारा बहुल क्षेत्र है. इस इलाके में नाईक का ही सिक्का चलता है. पिछले चुनाव में उनके भतीजे और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अधि. निलय नाईक ने उनके विरोध में चुनाव लड़ा था, मगर वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे. ये अलग बात है कि बाद में काका-भतीजे के संबंध सुधर गए. लेकिन अब काका ने भतीजे की बजाय अपने बेटे को आगे कर दिया है और टिकट उसके लिए मांगा है.

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इस तरह उन्होंने घोषित ही कर दिया है कि इस बार वे नहीं, बल्कि उनका बेटा मैदान में उतरेगा. कहा तो यह भी जाता है कि टिकट तो ययाति को ही मिलेगा. अगर ऐसा हुआ तो उनके चचेरे भाई अधि. निलय नाईक का विधायक बनने का सपना चूर-चूर हो जाएगा. अब देखना यह होगा कि ऐसी स्थिति में उनकी भूमिका क्या होती है.

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