Published On : Wed, Sep 10th, 2014

भंडारा : दो मासूम बहनों की जान ले ली अज्ञात बीमारी ने

Advertisement


चार घंटों के अंतराल में दोनों ने दम तोडा


जिले में रोष, स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा


भंडारा

लाखनी तालुका की दो मासूम बच्चियों की किसी अज्ञात बीमारी के कारण बिना किसी उपचार के मृत्यु होने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. इसे लेकर नागरिकों में रोष व्याप्त है. इन दोनों बहनों की मृत्यु किसी अज्ञात बीमारी से होने के बावजूद जिले का स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है. उसे इस संबंध में कोई जानकारी तक नहीं है.

दूध पिलाना ही बन गया बहाना
लाखनी तालुका के ग्राम रेंगेपार (कोठा) की डेढ़ वर्षीय ऋचि रवींद्र काटगाए और श्वेता रवींद्र काटगाए (6) की तीन-चार घंटों के अंतराल में मृत्यु हो गई. दोनों बहनों को न तो बुखार आया और न ही किसी बीमारी के संकेत ही मिले. रविवार 7 सितंबर को सुबह उठने के बाद ऋचि को दूध पिलाया गया. दूध पीने के बाद ऋचि ने उल्टी की. उसे लाखनी के डॉ. देशपांडे को दिखाया गया. उनकी सलाह पर ऋचि को भंडारा ले जाया गया. भंडारा में उसे नागपुर ले जाने की सलाह दी गई. लेकिन नागपुर ले जाते समय रास्ते में ही ऋचि की मृत्यु हो गई. ऋचि को घर लाया गया. अभी उसके अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि रवींद्र काटगाए की दूसरी बेटी 6 साल की श्वेता की तबियत अचानक ख़राब हो गई. भंडारा ले जाते समय कारधा के निकट ही श्वेता ने दम तोड़ दिया.

स्वास्थ्य विभाग हड़बड़ाकर जागा
इन दोनों घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग को लेकर नागरिकों में रोष फ़ैल गया है. इस अज्ञात बीमारी ने पूरे स्वास्थ्य विभाग को हड़बड़ाकर जगा भी दिया है. लाखनी के पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश बांते ने मंगलवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इस घटना के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारी, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी और ग्रामसेवक सब काम से लग गए हैं. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डोईफोडे मंगलवार तक तो गांव नहीं पहुंच पाए थे.

Advertisement
Advertisement

जिले में डेंगू और मलेरिया का आतंक
पूरे जिले में डेंगू और मलेरिया का आतंक छाया हुआ है. मगर स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती दूर होने का नाम नहीं ले रही है. जिला सामान्य रुग्णालय में आनेवाले मरीजों को सीधे नागपुर का रास्ता दिखाया जा रहा है. कुछ जनप्रतिनिधियों ने जब स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में जवाबतलब करने की कोशिश की तो उन्हें टालमटोल वाले जवाब दिए गए.

Representational pic

Representational pic

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement