Published On : Sat, Oct 13th, 2012

बूटीबोरी में लगाएं 3,000 करोड़ का स्ङ्क प्रकल्प : मोƒो मङ्क्षहद्रा को मनाएगी सरकार – Navbharat

नागपुर. महि‹द्रा एंड महि‹द्रा को उसका 3000 करोड़ रुपये का एसयूवी प्रकल्प बूटीबोरी लाने और मŠय प्रदेश नहीं ले जाने के लिए पालकमं˜ाी शिवाजीराव मोƒो ने कमर कस ली है. आला अधिकारियों के साथ एक बैठक में मोƒो ने कहा कि जल्द महि‹द्रा के बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महि‹द्रा की बड़ी इकाई बूटीबोरी में ही लगाई जाए. ‘नवभारतÓ ने पिछले दिनों यह आशंका जताई थी कि महि‹द्रा अपना एसयूवी का प्रकल्प मŠय प्रदेश ले जाने का विचार कर रही है. कुछ वर्ष पहले महि‹द्रा ने बूटीबोरी में यही Œला‹ट लगाने की इ‘छा व्य€त की थी. मा˜ा कुछ तकनीकी कार‡ाों से बात आगे नहीं बढ़ पायी. उद्योग के …वाइ‹ट डायरे€टर वी.के. जैन के साथ एक बैठक में पालकमं˜ाी ने कहा कि महि‹द्रा एंड महि‹द्रा के आला अधिकारियों के साथ संपर्क कर उ‹हें आश्वासन दिलाना होगा कि महाराष्ट्र सरकार विदर्भ के बूटीबोरी में एसयूवी प्रकल्प लगाने की इ‘छुक है. जैन ने बताया कि महि‹द्रा ने अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं किया है. मा˜ा महि‹द्रा को बूटीबोरी की साइट दिखाकर यहां की उपयोगिता बताई जा सकती है. 147 हे. भूमि उपलŽध बूटीबोरी में 147 हे€टेयर भूमि जो अजंता फार्मा एसईजेड को दी गई थी उपलŽध है. एसईजेड को डीनोटिफाय कर दिया गया है और जल्दी ही इसका आदेश भी निकल जाएगा. इसी भूमि पर महि‹द्रा का एसयूवी प्रकल्प लाने की कोशिश की जाएगी. मुख्यमं˜ाी पृ‰वीराज चव्हा‡ा और उद्योग मं˜ाी नाराय‡ा रा‡ो के अलावा के‹द्रीय मं˜ाी मुकुल वासनिक से भी सहयोग लेकर इसे आगे बढ़ा जाएगा. रूढ्ढष्ठष्ट अधिकारियों पर उखड़े बूटीबोरी और हिंगना एमआईडीसी के खाली पड़े Œलाटों के बारे में आधी-अधूरी जानकारी देने पर पालकमं˜ाी ने एमआईडीसी के अधिकारियों की जमकर खिंचाई की. अधिकारियों को दो टूक कहा कि एमआईडीसी को गली की किराना दूकान जैसा संचालित न किया जाए. पहले तो ठाकरे नामक अधिकारी ने यह कह डाला कि खाली Œलाटों की जानकारी वेबसाइट पर उपलŽध है. बैठक में विलंब से पहुंचे क्षे˜ाीय अधिकारी बाकरे ने मामले को संभाला और आश्वस्त किया कि जल्दी ही पूरा Žयोरा पालकमं˜ाी को भेजा जाएगा. पालकमं˜ाी ने कहा कि बूटीबोरी में इंडस्ट्रियल के अलावा कमर्शियल और रेसिडेंशियल Œलाटों का आवंटन और खाली पड़े Œलाटों का विस्तृत विवर‡ा 10-12 दिनों में उपलŽध कराया जाए. बैठक में संयु€त निदेशक वी.के.जैन के अलावा बीएमए के हेमंत अंबासेलकर खंडेलवाल ग्रामी‡ा महासचिव मुजीब पठान भी मौजूद थे.