Published On : Tue, Jul 22nd, 2014

बुलढाणा : आश्वासन देकर भूल गई सरकार


विरोध में ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों ने निकाला मोर्चा


बुलढाणा

Buldhana
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन सरकार की ओर से एक साल पहले दिया गया था, मगर ये आश्वासन अब तक पूरा नहीं हो सका है. इसके विरोध में एनआरएचएम कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकाला और सरकारी नीतियों का विरोध किया.

सभा में सरकारी नीतियों का विरोध
जिला परिषद कार्यालय के पास से निकले इस मोर्चे का नेतृत्व राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान कर्मचारी और अधिकारी संगठन के राज्य उपाध्यक्ष विजय सोनुने ने किया. मोर्चे में जिले भर में कार्यरत सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. जिलाधीश कार्यालय में पहुंचने के बाद मोर्चा एक़ सभा में तब्दील हो गया. सोनुने के अलावा सचिन हिवाले और रविंद्र राउत ने मोर्चे को संबोधित किया. उसके बाद जिलाधीश को अपनी मांगों का एक ज्ञापन दिया गया.

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तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले साल 1 से 6जुलाई तक मिशन के कर्मचारियों ने काम बंद आंदोलन किया था. उस समय सरकार ने सारी मांगें पूर्ण करने का लिखित आश्वासन दिया था, जिसे एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है. अब भी मांगें पूरी नहीं की गर्इं तो तीव्र आंदोलन छेड़े जाने की चेतावनी सोनुने ने दी. संगठन ने अपने ज्ञापन में इसके अलावा निजीकरण के दौरान हटाए गए कर्मचारियों का समायोजन करने, मृत कर्मचारियों के रिश्तेदारों को उनकी शिक्षा के अनुसार एनआरएचएम में नौकरी देने, कर्मचारियों का मानधन बढ़ाने और ठेका कर्मचारियों का बीमा निकालने जैसी मांगें की गर्इं हैं.

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मोर्चे में भारी उपस्थिति
इस मोर्चे में संगठन के जिला सचिव सचिन हिवाले, रविंद्र राउत, अनंता टाले, परमेश्वर परहाड़, योगेश उदार, राजेंद्र रिढे, दादाराव वाघ, वैभव देशपांडे, पल्लवी देशपांडे, परवेज खान, मो. इफ्तिखार, शेख आगा, कैलाश शिर्डीकर, गिरीश जोशी, अनिल सोनोने, संदीप पैठणकर, शरद पाटिल, सतीश जाधव, रामेश्वर बांबल सहित अनेक कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे.

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