Published On : Sat, Apr 26th, 2014

परतवाड़ा : बंद होंगी परतवाड़ा की 19 पाठशालाएं


बंद होंगी परतवाड़ा की 19 पाठशालाएं
परतवाड़ा

नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिकार के दायरे में तहसील की 19 जिला परिषद शालाओं के छात्रों की संख्या बीस से कम होने के कारण उक्त शालाओं में अध्ययनरत छात्रों का समायोजन निकट की अन्य शालाओं में किया जाएगा. इस आशय का आदेश पहुंचते ही यहां के शिक्षकों में हड़कम्प मच गया है.

ये हैं 19 शालाएं अचलपुर तहसील की जानोरा, चौसाला, दोनोडा, इसापुर, शामपुर, मुकिंदपुर, निजामपुर, देवरी, खांबोरा, खोजनपुर, नरसिंहपुर, तुलजापुर, वाठोना, रावलगांव, सुरवाड़ा, नरसाल, निंभारी गांव के मराठी माध्यम के एक-एक स्कूल तथा सावलापुर की उर्दू माध्यम की पाठशाला को मिलाकर कुल 19 पाठशालाएं बंद की जाएंगी. इन 19 शालाओं में पाठय़रत छात्रों की संख्या 233 बताई जाती है.

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा पहली से पांचवीं तक की शाला में 60 विद्यार्थियों के लिए दो शिक्षक, 60 से 90 विद्यार्थियों के पीछे तीन शिक्षक, 90 से 100 छात्रों के लिए चार शिक्षक, 121 से 200 विद्यार्थियों के लिए पांच तथा 150 से अधिक विद्यार्थी संख्या होने पर पांच शिक्षक और एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति तय की गई है. छठी से आठवीं कक्षा तक के लिए भाषा, सामाजिक अध्ययन, गणित और विज्ञान पढ़ाने के लिए स्वतंत्र रूप से एक-एक शिक्षक तथा उच्च प्राथमिक शिक्षण के लिए 35 विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति का पैमाना तय किया गया है.

नगरपालिका, पंचायत समिति और जिला परिषद द्वारा चलाई जा रही जिन शालाओं में बीस फीसदी से कम विद्यार्थी होंगे, वहां पाठय़रत विद्यार्थियों को अन्य शालाओं में शामिल किया जाएगा. इस बारे में आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है. आदेशानुसार इन शालाओं के शिक्षकों को अशैक्षणिक कार्य सौंपा जाएगा.
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा नगरपालिका के मुख्याधिकारी को इस संदर्भ में समीक्षा कर उस आशय की रपट राज्य सरकार को भेजने के आदेश भी जारी किए जाने की जानकारी मिली है.
परिपत्रक जारी
शालेय शिक्षा व क्रीड़ा विभाग की ओर से इस दिशा में परिपत्रक जारी हो गया है. अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 की धारा 27 के तहत शिक्षकों को अशैक्षणिक काम दिए जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस बारे में सतर्कता की सूचना भी जारी कर दी गई है.

नगरपालिका की स्थिति
स्थानीय नगरपालिका में 24 विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक का पैमाना रखा गया है. अब इसे बढ़ाकर 35 छात्रों के लिए एक शिक्षक कर दिया गया है. निर्णय से अनेक शिक्षकों पर गाज गिर सकती है.

अनुदान पर विचार
समायोजन के तहत जिन विद्यार्थियों के घर की दूरी ज्यादा होगी उस स्थिति में सरकार संबंधित छात्रों को आने-जाने के लिए यात्रा अनुदान देने पर विचार कर रही है. जल्द इस पर निर्णय होगा.

Representational Pic

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