Published On : Sat, Feb 22nd, 2014

नागपुर जिले के चिचोली ग्रामपंचायत सदस्यों ने जि.प. में की शिकायत

zilla-parisadखापरखेड़ा:  चिचोली ग्रामपंचायत के सचिव और सरपंच द्वारा अपनाए जा रहे मनमाने रवैये और ग्रामपंचायत निधि का गलत तरीके से उपयोग कर अनाप-शनाप खर्चे को लेकर नाराज आठ सदस्यों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नागपुर से ज्ञापन देकर निलंबन की मांग की.

सदस्यों ने आरोप लगाया है कि बीते साल 13 वे वित्त आयोग निधि, जिला परिषद शेष निधि से रास्ते का काम किया गया. यह काम अभियंता से साठगांठ कर खराब दज्रे का किया गया. मटेरियल की खरेदी बिक्री में तथा सार्वजनिक आरोग्य के नाम से हुए खर्चे में अधिक खर्चा होने का संदेह उन्होंने जताया. मुस्लिम कब्रिस्तान में लगाए सीमेंट बेंच की खरीदी बिक्री में बाजारभाव से अधिक खर्चा दिखाया गया. ट्रैक्टर, कचरा गाड.ी, मोटर पंप मरम्मत, कंप्यूटर, प्रिंटर खरीदी, घंटागाड.ी, 15 एचपी मोटर पंप, शौचालय गड्ढे, टैंकर से पानी वितरण जैसे व्यवहारों में बडे. पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया. नल कनेक्शन की मंजूरी प्रस्ताव में ना लेते हुए 6 लोगों को ग्रामपंचायत से नल लगवा दिए गए. ग्रामपंचायत की निधि से करीब 13 लाख 80 हजार रुपयों का भ्रष्टाचार होने का आरोप सदस्यों ने करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग ज्ञापन में की गई. अन्यथा गांव वालों को साथ में लेकर ग्रामपंचायत को ताला लगाकर ग्रामपंचायत के समक्ष अनशन पर बैठने की बात सदस्यों ने कही.

झूठ बोलते हैं विरोधी : सरपंच
इस संदर्भ में सरपंच अनिता मुरोडिया से बात करने पर उन्होंने बताया कि बीते साल 42 लाख रुपए जमा हुएथे. जिसमें से 40 लाख रुपए का खर्च किया गया. सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है. शिकायतकर्ता सदस्य विपक्ष में होने से वे कार्यालयीन कामकाज में अडंगा डालने की कोशिश करते हैं जिससे विकास कायरें में बाधा उत्पन्न हो.