Published On : Wed, Apr 2nd, 2014

धूल से पटा उमरखेड़ नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में

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उमरखेड़: शहर फिलहाल धूल की चपेट में है. सड़कों पर पड़े गड्ढों को भरने के लिए प्रशासन ने जो मुरुम डाला है उससे भी धूल में बढ़ोतरी ही हो रही है. इससे नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नागपुर – तुलजापुर महामार्ग शहर से होकर गुजरता है. उसमें भी जहां-तहां गड्ढों का ही बसेरा है. लोकनिर्माण विभाग ने भी गड्ढों को भरने के लिए उसमें मुरुम डाल दिया है. मुरुम और गिट्टी गड्ढों से बाहर तक आ गई है, जिससे इस रास्ते से गुजरनेवाले वाहनों से गिट्टी उड़ती रहती है. इससे कई बार नागरिकों को गंभीर चोटें भी आई हैं. शहर के व्यापारी भी अपनी दुकानों की साफ़-सफाई के बाद कचरे का ढेर सड़क किनारे लगा देते हैं. उसी तरह रास्तों के दोनों ओर लगाए गए पेड़ों को पांच दिनों में एक बार पानी दिया जाता है. इससे भी मिट्टी उड़ती रहती है.

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धूल से बचाव के लिए पैदल चलने वाले नागरिकों को नाक पर रुमाल रखकर चलना पड़ता है. वाहन चालकों को वाहन चलाते हुए धूल पोंछनी पड़ती है. साथ ही हाथों पर जमनेवाली धूल को भी झटकते चलना पड़ता है. इन समस्याओं से आम जनता का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है. आर्थिक नुकसान हो रहा है, सो अलग. नागरिकों की मांग है कि प्रशासन जनता को इन तकलीफों से बचाए और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना बन्द करे.

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