Published On : Wed, Sep 10th, 2014

द. नागपुर से सावरबांधे या पांडव होंगे शिव सेना उम्मीदवार; बाकी सब मैदान से बाहर

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नागपुर 

दक्षिण नागपुर से शिवसेना के टिकट के लिए शेखर सावरबांधे और किरण पांडव के मध्य कांटे की टक्कर चल रही है.शेष अन्य 4 इच्छुक किशोरी कुमेरिया,सतीश हरड़े,किशोर कन्हेरे और प्रमोद मानमोडे का पत्ता लगभग कट चुका है.इस खबर से भाजपा अस्वस्थ हो गई है,इसलिए कि उन्हें दक्षिण नागपुर अपने कोटे में चाहिए था.

मुंबई के सूत्रों के अनुसार दक्षिण नागपुर से शिवसेना की उम्मीदवारी मांगने वालों में सबसे आगे चल रहे हाल में शिवसेना में लौटे पूर्व शिवसैनिक किशोर कन्हेरे को शिवसेना सुप्रीमो ने साफ मना कर दिया की कम से कम इस दफे उम्मीदवारी नहीं मिलेगी। दूसरी और पिछले चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार रहे किशोर कुमेरिया चूँकि भारी मतों से पराजित हो गए थे इसलिए शिवसेना उनके ऊपर दोबारा दाव लगाने के मूड में नहीं है.दोनों ही किशोर में यह समानता है कि दोनोँ भैय्यूजी महाराज के शिष्य है.और शिवसेना सुप्रीमो भी भैय्यूजी महाराज को मानने वालो में से है.दोनों ही किशोर को भैय्यूजी महाराज से काफी उम्मीदें थी.सेना नेता के बयां से किशोर कन्हेरे का हौसला एकदम से ठंडा पर गया है.

सतीश हरड़े खुद का प्रचार खुद सिमित करीबी लोगों में कर फुले नहीं समां रहे है.इनके ही एक करीबी ट्रांसपोर्टर के अनुसार उद्धव ठाकरे के परिजनों ने सतीश हरड़े को उम्मीदवारी देने हेतु ठोस आश्वासन दिया है. इनके अनुसार सतीश के सिफारिश पर पिछले मनपा चुनाव में 10-12 लोगो को शिवसेना का उम्मीदवारी दी गई थी.प्रमोद मानमोडे ने विनायक मेटे की महासंग्राम दल के तरफ से दक्षिण नागपुर की उम्मीदवारी मांग रहे है.

शेखर सवारबांधे की पिछली दफे उम्मीदवारी ऐन वक़्त पर काट कर किशोर कुमेरिया को भाजपा नेत्री उमा भारती और भैय्यूजी महाराज के शिफारिश पर दिया गया.इसी वक़्त सवारबांधे को आश्वासन दिया गया था कि अगले विस चुनाव में उम्मीदवारी दी जाएगी। इसलिए वह आश्वस्त है कि इस दफे वे ही शिवसेना के उम्मीदवार होंगे. अगर इन्हे उम्मीदवार बनाया गया तो भाजपा अपने ही किसी गुर्गे(छोटू) को बागी उम्मीदवार के रूप में दक्षिण नागपुर से चुनावी जंग में उतारेगी और सेना उम्मीदवार को हरवाकर सेना से दक्षिण नागपुर सीट अदला-बदली न करने के मामले में बदला लेगी.

अब रही किरण पांडव की तो इसके लिए मेघे परिवार भाजपा और सेना के नेताओ से लगातार संपर्क में है.मेघे परिवार ने चुनाव खर्च खुद उठाने का ठोस आश्वासन सेना-भाजपा नेताओ को दे चुकी है.सेना से मेघे परिवार किरण के लिए टिकट और भाजपा से चुनाव जीतने के मामले में सहयोग हेतु समन्वय बनाने में भिड़े है. दक्षिण नागपुर में कुणबी समाज का अच्छा-खासा प्रभाव है.किरण भी कुणबी समाज के है.

किशोरी कुमेरिया को छोड़ सभी इच्छुक पूर्व कांग्रेसी है. अब देखना यह है कि सेना किस नीति के तहत किसे उम्मीदवार बनती है और भाजपा द्वारा सेना उम्मीदवार को किस कदर साथ देते है.

द्वारा:-राजीव रंजन कुशवाहा