Published On : Thu, Jun 26th, 2014

देसाईगंज – रेल भाड़ा मूल्य वृद्धि के विरोध में जिला कांग्रेस ने रोकी रेल


15 मिनट तक रेल को रोके रखा

देसाईगंज

Tarin Stoped by congress
हाल ही में रेल बजट के पूर्व केंद्र सरकार द्वारा रेल भाड़े में की गई मूल्य वृद्धि के विरोध में पुरे प्रदेश की तर्ज पर गडचिरोली जिले के वडसा रेलवे स्टेशन पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेल रोककर मूल्यवृद्धि पर अपना विरोध दर्शाया.

हल ही में केंद सरकार द्वारा यात्री भाड़े में 14.2 प्रतिशत तथा मालवाहक में 6.5 प्रतिशत तक मुल्यवृद्धि की. जिससे आम आदमी की रेलयात्रा महंगी हो गई है. साथ ही मालधक्के के भाड़े में वृद्धि किये जाने से महंगाई बढ़ने के संकेत नजर आने लगे है. ऐसे में पुरे महाराष्ट्र में कांग्रेस की ओर से इस मुल्यवृद्धि का विरोध किया जा रहा है. इसी तर्ज पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हसन गिलानी के नेतृत्व में वडसा रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन किया गया. तक़रीबन सुबह 10 बजे गोंदिया से बल्लारशाह की ओर जानेवाली लोकल ट्रेन को वडसा रेलवे स्टेशन पर 15 मिनट तक रोक कर रखा गया. इस आंदोलन में देसाईगंज तहसील कांग्रेस अध्यक्ष विलास ढोरे, पंचायत समिती सभापती परसराम टिकले, कांग्रेस अल्पसंख्यांक सेल के प्रदेश सचिव शहजाद शेख, जिला सनियंत्रण समिती के उपाध्यक्ष राजु आकरे, जिला कांग्रेस किसान खेत मजदुर के सचिव जितेंद्र परसवाणी, गडचिरोली के तहसील अध्यक्ष शंकरराव सालोकर, नरेश शमदासानी, संजय गणवीर, पंस नितिन राउत, पंस शिवाजी राउत, शरद मुले, संजय गांधी निराधार योजना के अध्यक्ष राजु बुल्ले, तहसिल कांग्रेस उपाध्यक्ष राजू रामेकर, शंकरपुर के सरपंच विनायक वाघाड़े, रवि निमकर, खालिद कुरैशी, संदीप तुमने, विक्की टुटेजा, अरुण कुम्भलवार, भारत तलमले तथा कांग्रेस कार्यकर्ता और यात्री बड़ी संख्या में मौजूद थे. कड़ी सुरक्षा के लिए देसाईगंज पुलिस के साथ आरपीएफ तथा जीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई थी. ट्रेन को फाटक के बीचों बीच रोके जाने से कॉफी वक्त तक यातयात प्रभावित रहा.

दोनों विधायक नदारद
प्रदेश कांग्रेस द्वारा पूरे राज्य में ये रेल रोको आंदोलन आयोजित किया गया था. जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित इस रेल रोको में कांग्रेस पार्टी के जहाँ पदाधिकारी मौज़ूद थे वहीं दोनों विधायक पूरी आनदोलन में नज़र नहीं आए. उनके मुंबई में होने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है की दोनों विधायकों कि गैरमौजूदगी स कार्यकर्ताओं मे नाराज़गी थी.