Published On : Sun, Jun 8th, 2014

चिमूर : शराबी ग्रामसेवक नहीं ले रहा ग्रामसभा ; विकास काम अटके


चिमूर

gramsewak
ग्रामविकास के लिए ग्रामसभा का बड़ा महत्व है. ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के मद्देनज़र सरकार लाखों रूपए खर्च कर रही है. लेकिन प्रशासकीय अधिकारी ग्रामीण विकास में रोड़ा बनते नज़र आ रहे हैं. चिमूर तालुके के अंतर्गत वडसी (खातोड़ा) ग्रामसेवक की मनमानी का मामला सामने आया है.

जानकारी के मुताबिक़ ग्रामसेवक आशिक सुखदेवे ग्रामसभा नहीं लेते हुए शराब के नशे में धुत यहाँ वहाँ पडा रहता है. ग्रामसेवक सुखदेवे के इस रवैये की वजह से ग्रामविकास काम अटके पड़े हैं.

लोग ग्रामसेवक के इस रवैये से त्रस्त हो गए हैं और उसको पद से हटाए जाने की मांग कर रहे है. ग्रामसेवक को पद से नहीं हटाए जाने की सूरत में ग्राम पंचायत को ताला लगा देने की चेतावनी लोगों ने दी है. इसके अलावा सरपंच दर्शना आत्राम भी चिमूर में नहीं रहती और अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभा रही ऐसा आरोप ग्रामवासी लगा रहे हैं.