Published On : Tue, Jul 15th, 2014

चंद्रपूर : पालकमंत्री की सभा में शराबबंदी के बारे में पूछा तो हुई जेल


न्यायालय ने दी ज़मानत

चंद्रपूर

darubandi matter
पोंभुर्णा में पालकमंत्री संजय देवतले की सभा में दारुबंदी के संबंध में पुछताछ करनेवाली महिलाओं के खिालाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया. चंद्रपूर जिले में काफी समय से शराबबंदी की मांग हो रही है लेकिन इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और इसी वजह से लोकसभा चुनाव के प्रचार के मद्देनज़र पोंभुर्णा में मध्यवर्ती बँक के कार्यक्रम में महिला उत्थाना पर भाषण देते हुए महिलाओं ने ‘शराबबंदी के लिए जब महिलाओं को जेल में डाला गया उस समय तुम कहा थे और चंद्रपूर जिले में शराबबंदी कब होगी? ऐसा सवाल पालकमंत्री देवतले को किया गया. शराबबंदी के बारें में पूछने पर पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया. इन महिलाओ को गिरफ्तार करने की कार्रवाई करने पर जिले में क्षोभ निर्माण हो सकता है ऐसा संदेह होने से गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की. लेकिन पाच माह के बाद पुलिस ने इन महिलाओ को गिरफ्तार करके चंद्रपूर न्यायालय में पेश किया. न्यायालय ने इन महिलाओ को बेल दे दी है.

महिलाओं के आक्रामक रूप के बाद जिले में शराबबंदी के लिए विविध जगह नेताओं की सभा की प्रक्रिया बदलने लगी है. आख़िरकार महिलाओं के आक्रमक रवैये को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने 2 अप्रैल को क्लब ग्राऊंड में लोकसभा चुनाव के बाद चंद्रपूर जिला शराबबंदी के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा ऐसी घोषणा की. लेकिन अभी तक ऐसा कुछभी नहीं किया गया. शराबबंदी की मांग करनेवाली महिलाओं पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है. महाराष्ट्र सरकार ने 15 सितंबर 2006 को शराबबंदी के संदर्भ में आंदोलन करते समय महिलाओं पर दर्ज़ मामले वापस लेने का सरकार ने निर्णय लिया है. चंद्रपूर जिले में शराबबंदी आंदोलन में शामिल सैकड़ों महिलाओं पर अभी भी मामले दर्ज हैं और कोई भी मामला रद्द नहीं किया गया . इस वजह से महिलाओं में प्रचंड रोष है. गिरफ्तार महिलाओं में पुष्पा नेवारे, फरजाना शेख, कपिला भसारकर, वंदना मांदाडे, छाया सिडाम, संगिता गेडाम, किरण शेंडे, सपना कांबडी का समावेश है.