Published On : Fri, Jun 6th, 2014

चंद्रपुर : महिला रूग्णालय में वैद्यकीय महाविद्यालय शुरू करने की माँग


सा. हंसराज अहीर ने भारतीय वैद्यकीय परिषद के साथ की चर्चा

चंद्रपुर

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Hansraj-ahir
चंद्रपुर जिले के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय बनाए जाने का मुद्दा बीते कई वर्षों से प्रलंबित है. महाविद्यालय शुरू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से सहमति दीए जाने के बाद भी कुछ नहीं हो रहा. परंतु महाविद्यालय के लिए आवश्यक इमारत यहाँ ना होने से इसबार कई छात्राओं को जिले के बाहर जाना पड़ा है. यह गंभीर मुद्दे को सुलझाने के लिए शहर के महिला रूग्णालय के इमारत में तुरंत शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय शुरू किया जाय, ऐसी मांग सा. हंसराज अहीर ने की. विशेष यह है की फिलहाल महाविद्यालय के संदर्भ में फैसला लेने के लिए वैद्यकीय परिषद की त्रिसदस्यीय समिति से चर्चा कर सा. अहीर ने इसकी मांग की.

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इस दौरान जि.प. अध्यक्ष संतोष कुमरे, पुर्व नगराध्यक्ष विजय राऊत, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. मंगेश गुलवाडे, प्राचार्य डॉ. कर्तिवर्धन दीक्षित, डॉ. अनंत हजारे उपस्थित थे.

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चंद्रपुर में शासकीय वैद्यकीय महावियालय शुरू करने के लिए आवश्यक सुविधाओं की देखभाल तथा इसके लिए आवश्यक चीजों की पूर्तता किस तरह की जाएगी, इसके लिए भारतीय वैद्यकीय परिषद की त्रिसदस्यीय समिति गत दो दिन से चर्चा कर रही है. इस में प्रमुखता से शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय अग्रवाल, डिपार्टमेंट ऑफ़ मेडिसिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के डॉ. एम.के. पाराशर और डिपार्टमेंट ऑफ़ फीजिऑलोजी मौलाना आझाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली के डॉ. बालकृष्णन का समावेश है. इन अधकारियों ने कई जगहों को देखा. इस दौरान सा. हंसराज अहीर ने डॉ. बालकृष्णन से भेट कर युद्धस्तरपर कार्रवाई करके नागरिको को न्याय दे, ऐसी मांग की. चंद्रपुर प्रदुषण के मामले में देश में चौथे क्रमांक पर है. वही दिन ब दिन गंभीर बीमारियों में बढ़ोत्तरी हो रही है. यह औद्योगिक जिला होने से होने की वजह से लोगों का आरोग्य खतरे में है. जिले में कोयला, सीमेंट, स्टील, पेपर व अन्य यद्योगों की वजह से होनेवाला प्रदूषण इस सबके लिए ज़िम्मेदार है. आरोग्य के लिए प्रभावी सुविधा ना होने से गंभीर मरीजों पर उपचार नहीं हो पाता. इस विषय के तरफ सा. अहीर ने समिति का ध्यान केंद्रित किया.

वैद्यकीय महाविद्यालय की पस्तावित जगह में सदर महाविद्यालय बनाने की प्रतीक्षा करने पर और काफी समय निकल जाएगा. इस वजह से चंद्रपूर के महिला रूग्णालय के इमारत का 90 प्रतिशत पूरा होने से व अन्य सुविधाओं के लिए 16 करोड़ रूपए की निधी इस रूग्णालय के लिए मंजूर होने से यहाँ प्रस्तावित शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय शुरू करने से फायदा होगा. ऐसा भी उन्होंने चर्चा में बताया. अनोटॉमी, फिजिओलॉजी, बायोकेमिस्ट्री के जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर इसी वर्ष 2014 – 15 में वैद्यकीय महाविद्यालय का सपना पूरा हो सकता है. ऐसा बताकर इस संदर्भ में स्थानिक विधायक साथ ही मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की जाएगी ऐसा समिति को बताया.

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