Published On : Wed, Apr 23rd, 2014

चंद्रपुर: बहन के घर हमला, बहनोई को घायल किया


बल्लारपुर पुलिस बनी रही मूकदर्शक, मानवाधिकार समिति आंदोलन करेगी  

Pic-8चंद्रपुर.

6 माह पूर्व एक व्यक्ति के साथ विवाह कर अपना घर बसाने वाली निर्मला निषाद के साथ उसी के चार भाइयों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसके घर के सामान की तोड़फोड़ भी की. इन लोगों ने अपनी भांजी को भी नहीं छोड़ा. इतना ही नहीं, निर्मला के पति को पीटते हुए वे लोग थाने तक ले गए, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी सब देखती रही. निर्मला के सिर में चोट लगी है, जबकि उसके पति को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया है. पुलिस ने घटना के दो दिन बाद इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनोज निषाद के साथ दस साल तक सुखी वैवाहिक जीवन बिताने के बाद बल्लारपुर के रानी लक्ष्मीनगर वार्ड निवासी निर्मला ने अक्तूबर 2013 में इंदोल निषाद (35) के साथ दूसरा विवाह कर लिया. इंदोल का भी यह दूसरा विवाह था. निर्मला को पहले पति से एक दस साल की बेटी भी है. विवाह के बाद निर्मला दूसरे इलाके में रहने चली गई. घर छोड़ते समय निर्मला के भाइयों रमेश, ओमप्रकाश, रामशरण और साकेत शीतलप्रसाद निषाद ने निर्मला से कहा था कि वह अपनी बेटी को साथ में न ले जाए, लेकिन धमकी से बिना डरे निर्मला अपनी बेटी को अपने साथ ले गई.

थाने के सामने कपड़े उतारकर पीटा 

दोनों के विवाह को अभी छह माह ही बीते थे कि 17 अप्रैल की सुबह 6 बजे निर्मला के चारों भाइयों ने अपने तीन साथियों के साथ निर्मला के घर पर हमला कर दिया. उसके घर के सामान की तोड़फोड़ की और उसकी तथा उसकी बेटी की जोरदार पिटाई की. इसके बाद निर्मला के पति इंदोल को पीटते हुए पुलिस स्टेशन तक ले गए. थाने के सामने इंदोल के कपड़े उतारकर उसकी पिटाई की. इस मारपीट में इंदोल के दोनों हाथ टूट गए हैं और हाथों के नाखून भी निकल गए हैं. इंदोल के साथ मारपीट के बाद सातों आरोपी भाग खड़े हुए.

शिकायत लेने में भी टालमटोल 

इस मारपीट की शिकायत थाने में दर्ज कराने गई निर्मला की शिकायत लेने में पहले तो टालमटोल की गई, लेकिन दो दिन बाद कहीं मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में रमेश निषाद और साकेत निषाद को गिरफ्तार किया है.

पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग 

मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेश ठाकुर ने एक पत्र परिषद में बताया कि 5 आरोपी अभी भी फरार हैं. उन्होंने मामला भादवि की धारा 307 के तहत दर्ज करने की भी मांग की. फ़िलहाल मामला धारा 346 के अंतर्गत दर्ज किया गया है. ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में वे लोग पुलिस अधीक्षक से भेंट करेंगे और पिटाई के वक्त मूकदर्शक बने पुलिस कर्मियों तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे. मांग पूरी नहीं होने पर बल्लारपुर थाने के समक्ष आंदोलन किया जाएगा।