Published On : Fri, Sep 5th, 2014

चंद्रपुर : डेंगू ने ली महिला की जान


जिले में डेंगू, मलेरिया कहर ; अब तक दस की मौत ; कई ग्रामों में सैकड़ो की मृत्य

चंद्रपुर

दूषित पानी और मच्छरों के प्रकोप से गत कुछ दिनो से राजुरा, गोंड़पिंपरी, पोंभुर्णा तालुका में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों ने कहर मचा रखा है. 4 सितम्बर को सुबह निजी रूग्णालय में इलाज के दौरान एक महिला की डेंगू से मृत्यु हो गई. इस वजह से चंद्रपुर के नागरिकों में डर का वातावरण निर्माण हुआ है. बापट नगर निवासी रोशनी संग्राम पाटील (30) मृतक का नाम है.

चंद्रपुर शहर महानगरपालिका का द्वारा स्वछता की जा रही है. इसके बावजूद भी कई क्षेत्रों में गंदगी का साम्राज्य दिखाई देता है. साथ ही बड़े पैमाने में दूषित जलपूर्ति हो रही है. नालों की सफाई न होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है. मृतक रोशनी को गत दो दिनों से सर्दी, बुखार होने से उसे चंद्रपुर के डॉ. तातावर के निजी रूग्णालय में भरती किया गया. उपचार के दौरान उस महिला की मृत्यु हो गई.

20 ग्रामों में 274 लोग डेंगू की चपेट में आए है. इस में से पांच पीड़ितों की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है. इन सभी पीड़ितों के खून के नमूने नागपुर भेजे गए थे. इन पांच मृतकों में से केवल एक की डेंगू की वजह से मृत्यु हुई ऐसा संशोधन समितिने स्पष्ट किया है. वही जिले में मलेरिया ने भी कहर ढाया है. इस बारें में आरोग्य विभाग ने 39 पीड़ितों को मलेरिया होने तथा 3 पीड़ितों की मृत्यु होने का दावा किया है. कुछ माह पूर्व गोंड़पिपरी साथ ही तालुका के विठ्ठलवाड़ा, चेकपिपरी गांव में डेंगू का प्रकोप बढ़ा था. विठ्ठलवाड़ा, चेकपिपरी गांव में बुखार होने के बावजूद भी आरोग्य विभाग ने विठ्ठलवाड़ा चेकपिपरी गांव के बीमारी पर काबू पा लिया. मूल तालुका के बेंबाल, राजगड, भद्रावती तालुका के माजरी में भी बुखार की स्थिति थी. राजुरा तालुका के चार्ली, सातरी व बामणवाड़ा गांव में भी बीमारी ने कहर किया है.

जिले में गत पांच माह में सैकड़ों की मृत्यु हुई तथा हजारों डेंगू मलेरिया की चपेट में आ गए. कई लोग गांव में उपलब्ध निजी डॉक्टरों के पास भी उपचार करते है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है की संख्या भी ज्यादा है.

Representational Pic

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