Published On : Mon, Jul 14th, 2014

चंद्रपुर जिले में भी हालात सूखे जैसे


संकटों से घिरे किसान पर दोबारा बुआई की नौबत


तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अभी भी बुआई नहीं

चंद्रपुर

Farmer
बारिश के दगा देने से जिले में भीषण सूखे की स्थिति पैदा हो गई है. करीब एक माह से बारिश का कोई अता-पता नहीं है. थोड़ी-बहुत बारिश के बल पर जिले के कुछ किसानों ने जो बुआई की थी वह भी बेकार हो गई है. न धान के बीज रहे और न ही सोयाबीन और कपास के. उधर, कृषि विभाग की मानें तो जिले में अभी भी करीब तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई ही नहीं है.

खतरे के बादल मंडराने लगे
इस बार कृषि विभाग ने जिले के 4 लाख 60 हजार 12 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ के मौसम का मसौदा तैयार किया था. मगर बारिश के गायब हो जाने से किसानों पर दोबारा बुआई का संकट आ गया है. दरअसल, जून महीने के सूखा -सूखा बीतने के कारण खरीफ मौसम पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. बारिश के अभाव में जिले के भूजल का स्तर भी काफी नीचे चला गया है.

अच्छे दिनों की आस में. . .
अच्छे दिनों की आस में किसान मृग नक्षत्र से ही आसमान को तक रहा है, कि कहीं बादल का कोई तो टुकड़ा दिखे जो बरस जाए. मगर बादल आते जरूर हैं, पर ललचाकर चले जाते हैं. अभी दो दिन पहले हुई बारिश नाममात्र की ही थी. दूसरी ओर, मौसम विभाग की इस घोषणा ने भी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है कि इस बार बारिश बहुत कम होगी. उम्मीद तो यह थी कि इस दफा पिछले साल के दोनों मौसमों की भरपाई कर ली जाएगी, मगर खेतों में पानी भले न गिरा हो, उम्मीदों पर पानी जरूर फिर गया. पिछले मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाई थी, मगर वह भी क्षणिक साबित हुई.
खेतों में काम बंद पड़ा है और किसान अभी भी कुछ अच्छा होने के इंतजार में बैठा है.