Published On : Wed, Apr 30th, 2014

चंद्रपुर : चंद्रपुर जिले की 615 ग्राम पंचायतों को 22 करोड़ से अधिक के पुरस्कार

पर्यावरण संतुलित रखो, पुरस्कार पाओ योजना को बेहतर प्रतिसाद

चंद्रपुर

जिले में क्रियान्वित पर्यावरण संतुलित समृद्ध ग्राम योजना के तहत जिले की 847 ग्राम पंचायतों में से 615 ग्राम पंचायतें इस योजना की कसौटी पर खरी उतरी हैं. पिछले तीन सालों में जिले की 615 ग्राम पंचायतें योजना के मापदंडों को पूर्ण क़र 22 करोड़ 69 लाख के पुरस्कारों की हक़दार बनी हैं. पुरस्कार की राशि से ये ग्राम पंचायतें विकास के रास्तों पर अब दौड़ने लगी हैं.

क्या है योजना
जनसहयोग से गांवों में उच्च दर्जे की मूलभूत सुविधाओं का निर्माण और पर्यावरण का संवर्धन ही इस योजना का उद्देश्य है. योजना के तहत सारे मापदंडों क़ो पूर्ण करने वाले गांवों को जनसंख्या के हिसाब से दो से दस लाख तक नगद पुरस्कार दिया जाता है. वर्ष 2010-11 योजना का पहला साल था और जिले में योजना को बहुत कम प्रतिसाद मिला. तीसरे साल योजना को जिले में भारी प्रतिसाद मिला.

232 ग्राम पंचायतें निकली फिसड्डी
योजना के तहत ब्रम्हपुरी, वरोरा, चिमुर, सिंदेवाही, कोरपना, राजुरा, नागभीड़ तालुकों क़ी ग्राम पंचायतों ने बेहतर काम किया है. इन तहसीलों की आधे से अधिक ग्राम पंचायतें निर्धारित मापदंडों पर खरी उतरी हैं, जबकि जिले की 847 ग्राम पंचायतों में से 232 ग्राम पंचायतें निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करने के कारण फ़ेल हो गई हैं. इनमें से तो कई ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव तक पेश नहीं किया है.
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कैसे होता है फैसला
ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव पेश करने के बाद पंचायत समिति के स्तर पर मापदंडों की जांच की जाती है. उसके बाद जिला परिषद के एचओडी और विभागीय आयुक्त कार्यालय की टीम द्वारा जांच की जाती है. इसके चलते योजना में हिस्सा लेनेवाली ग्राम पंचायतों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है.