Published On : Sun, Jun 8th, 2014

चंद्रपुर : अल्ट्राटेक की टॉवर लाइन से 105 परिवारों के जान को खतरा


न्याय के लिए भटक रहे है नांदावासी

न्याय नहीं मिलने पर दी आत्मदहन की चेतावनी

चंद्रपुर

कोरपना तहसील के नांदा गांव की रिहायशी वार्ड से अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की 220 केवी की लगाई जा रही टॉवर लाईन लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है. लोगों के तमाम विरोध के बावजूद सीमेंट कंपनी द्वारा वार्ड क्रमांक 5 में टॉवर लगाए जाने से परेशान लोगों ने प्रशासन द्वारा इस संबंध में कदम नहीं उठाने पर आत्मदहन करने की चेतावनी दी है. हालांकि फिलहाल कंपनी ने काम बंद कर रखा है लेकिन कंपनी के लोग रोज विरोध नहीं करने के लिए समझाने के लिए आ रहे है साथ ही परिसर में रहने वाले तथा अल्ट्राटेक में ठेका काम करने वाले लोगों को काम से निकालने की धमकी दे रहे है.

आज पत्रकार परिषद में परिसर निवासी प्रणवकुमार शहा, पल्लव शहा, मिलन बोयल,प्रदीप हलदर, रीता बोयल, रोबिन राऊत, सुमन यादव, रंजीता सिंह, वच्छला पाझारे, शोभा चव्हाण आदि ने कहा कि वे लोग इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. दीपक म्हैसेकर से भी गुहार लगा चुके है. जिसके बाद उन्होने इस संबंध में जांच कर राजुरा के एसडीओ से रपट मंगाई है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अल्ट्राटेक कंपनी 3 -4 करोड. रु. बचाने के लिए इस वार्ड में रह रहे करीब 105 परिवारों की जिंदगी से खिलवाड. कर रही है.

लोगों ने बताया कि इस संबंध में वे लोग महापारेषण के अभियंता श्री गाडगे से मिले. जिसके बाद उन्होने 6 जून को सर्वेक्षक को भेजा. लेकिन सर्वेक्षक द्वारा लोगों को ही समझाने का प्रयास किया जाने लगा कि इस टॉवर लाईन के उन लोगों को कोई धोखा नहीं होगा.

लोगों ने बताया कि इस संबंध में वे लोग राजुरा के विधायक सुभाष धोटे से भी मुलाकात कर इस संबंध में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. लोगों ने आरोप लगाया कि इसके लिए तथाकथित रुप से अल्ट्राटेक कंपनी द्वारा ग्राम पंचायत का एनओसी भी नहीं लिया गया है. साथ ही सरपंच तथा उप सरपंच से साथ मिलभगत कर कंपनी के लोग वहीं पर टॉवर लगाने के लिए अडे हुए है. लोगों ने कहा कि वैसे भी मरना ही है तो इससे बेहतर होगा कि न्याय नहीं मिलने पर वे लोग आत्मदहन करेंगे.

उसी परिसर के लोगों से कंपनी ने ली जगह
लोगों ने बताया कि कंपनी ने टॉवर लाईन लगाने के लिए उसी परिसर में रहने वाले सपन बाला तथा किशोर सिंह राठोड. से जगह ली है. राठोड. की जगह ज्यादा होने के कारण उन्हे ज्यादा पैसे तथा सपन बाला की जगह कम होने के कारण उन्हे कम पैसा तथा कुल मिला कर कंपनी ने 3 लाख रु. दिए है. लेकिन टॉवर लाईन बनाए जाने पर विद्युत प्रवाहित तार उनके घर आंगन के उपर से गुजरेगा. जिससे किसी भी क्षण दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी. हालांकि कंपनी यह टॉवर लाईन रिहायशी इलाक के बाहर से लगा सकती है. लेकिन सिर्फ पैसा बचाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रही है. लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है.
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