Published On : Sat, Jun 14th, 2014

गोंदिया : बारिश पूर्वनियोजन के लिए 4 जिलों के अधिकारियों की बैठक


जिले के 87 ग्रामों को बाढ़ का खतरा

गोंदिया

meeting
बारिश पूर्वनियोजन के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के 4 जिलों के अधिकारियों ने एक साथ बैठक की और बारिश के दौरान जानमाल की हिफाजत के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए इसका संयुक्त रूप से नियोजन किया. 13 जून को जिलाधिकारी कार्यालय में हुईसभा में इसकी समीक्षा कर नियोजन किया गया.

अंतर्राज्यीय बाढ. नियंत्रण समन्वय समिति की सभा जिलाधीश कार्यालय में हुई. सभा की अध्यक्षता गोंदिया के जिलाधिकारी डॉ. अमित सैनी ने की. इस अवसर पर बालाघाटके जिलाधिकारी वी. किरण गोपाल, बालाघाटके पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, भंडारा के निवासी उपजिलाधिकारी रवी कुंभारे, सिवनी के अधीक्षक अभियंता आर.के. तिवारी, सिवनी के कार्यकारी अभियंता अशोककुमार पौरकर, बरघट के उपविभागीय पुलिस अधिकारी मोहनसिंह पटेल, सिवनी के उपविभागीय अधिकारी के.सी. पराते, बालाघाटके दीपक आर्या, राजीव सागर प्रकल्प के कार्यकारी अभियंता एफ.के. भेमटे उपस्थित थे.

बाघ-इटियाडोह प्रकल्प के कार्यकारी अभियंता बसंत गोन्नाडे. ने इस अवसर पर पॉवर पाईंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विविध जानकारी दी. संजय सरोवर के पानी से गोंदिया जिले में खतरनाक स्थिति निर्मित होती है. संजय सरोवर का पानी छोड.ने से वैनगंगा नदी में बाढ. आती है. सिवनी से रजेगांव 170 किमी. की दूरी है. बाघ नदी, भंडारा जिले की सूर नदी, बावनथडी, चुलबंद, कन्हान और गाढ.वी नदी का क्षेत्र पॉवर पाईंटप्रेजेन्टेशन से दिखाया गया. यहां समन्वय साधने के लिए की गईरूपरेखा की जानकारी दी गई. बाढ. की स्थिति में जिले के 87 गांव प्रभावित हो सकते हैं.

संजय सरोवर, पुजारीटोला, बावनथडी के पानी के स्तर की जानकारी इस अवसर पर दी गई. नदियों में बाढ. आने पर निकटके गांवों में पानी के प्रवेश से जनहानि और आर्थिक हानी न हो. इसके लिए समन्वय रखना जरूरी है.

विविध प्रकल्पों का पानी कब और किस समय छोडा जाएगा, इस संदर्भमें फोन के माध्यम से संदेश देने के निर्देश जिलाधिकारी डॉ. अमित सैनी ने इस अवसर पर अधिकारियों को दिए.