Published On : Thu, May 22nd, 2014

गोंदिया : कवलेवाड़ा प्रकरण में आज गोंदिया बंद


गोंदिया

नींद में सोये दलित समाज के व्यक्ति पर ज्वलनशील पदार्थ छिडक़ उसे जिंदा जलाने के प्रयास की घटना ग्राम कवलेवाड़ा में घटित हुई थी. आंबेडकारवादी संगठनों ने जहां दलित अत्याचार से संबधित घटना करार देते कृतज्ञ का तीव्र निषेध करते हुए आंदोलन तेजर कर दिया. वहीं पुलिस अधिक्षक दिलीप झलके ने सोमवार की रात 8 बजे पत्र परिषद लेकर यह कहते खलबली मचा दी कि, यह प्रकरण भूमि विवाद से उपजे दलित अत्याचार से संबधित न होकर अवैध प्रेम प्रकरण से जुड़ा है.

पुलिस अधिक्ष के मुताबिक अग्रीकांड में 95 प्रतिशत झुलसे संजय निवृत्तीनाथ खोब्रागडे उम्र (५०) की पत्नी देवकाबाई संजय खोब्रागडे के संबध ग्राम निवासी राजु शंकर गडपायले उम्र (44) से है. अपने अवैध संबधो को कायम रखने के उद्देश्य से दोनों ने मिलकर संजय को रास्ते से हटाने का षडय़ंत्र रचा तथा घर की छपरी में सोये संजय के शरीर पर केरोसिन छिडक़ आग लगा दी. जबकि आंबेडकर संघर्ष समिति तथा अन्य आंदोलनकारी दलित संगठन पुलिस की थियोरी को सिरे से नकारते कह रहे है, कि अगर देवकाबाई को संजय को रास्ते से हटाना था फिर उसने बाल्टी से सुलगते पति पर पानी का छिडक़ाव कर आग बुझाने का प्रयास क्यों किया? पुलिस कहीं न कहीं राजनैतिक दबाव में है तथा पूर्व में इस प्रकरण में हिरासत में लिये गये एक महिला और 6 पुरूष संदिग्धों को बचाने का प्रयास कर मामले को नई दिशा दे रही है. तथा जलाये गये व्यक्ति संजय खोब्रागडे की पत्नी और गांव के ही एक दलित व्यक्ति को जान बुझकर इस मामले में फंसा रही है. कवलेवाड़ा की घटित घटना यह स य समाज के लिये बेहद निंदनीय है. दलित व्यक्ति को जिंदा जलाने के प्रयास के प्रकरण की जितनी भत्र्सना की जाए उतनी कम है. इस मामले को आंबेडकर संघर्ष समिति किसी भी हालत में ठंडा पडऩे नही देंगी.

गौरतलब है कि संघर्ष समिति कार्यकर्ताओं ने 21 मई के शाम गोंदिया तहसील कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया साथ ही दो दिवसीय धरना आंदोलन की शुरूवात करते हुए उपस्थित समिति अध्यक्ष एड् राजकुमार बोबर्डे सुद्धोधन सहारे, रतन वासनिक, सतीश बंसोड, राजु राहुलकर, बसंत गणवीर, यशपाल डोंगरे, प्रफुल भालेराव, अशोक मेश्राम, मामा बंसोड, विनोद मेश्राम, विलास राऊत, उत्तम मेश्राम, देवा रूसे, सुशील ठाकरे, ज्योति गजभिये, योगेश बंसोड आदि कार्यकर्ताओ ने 23 मई आज गोंदिया जिला बंद सफल बनाने की अपील करते हुये जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों को साफ तौश्र पर चेतावनी दी है. सनद रहे इस प्रकरण में अ.क्र. ३८/ १४ के भादंवि १४३,१४७,१४८,१४९,३०७ सहकलम ३ (१), (10) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार प्रतिबंध कानून के तहत जिन 6 संदिग्धो को हिरासत में लिया गया था उन्हें अब पुलिस दोषमुक्त कराने हेतु न्यायलय में 22 मई को अर्ज दाखिल करने की तैयारी कर रही है. ग्राम कवलेवाड़ा में अब भी स्थिती तनावपूर्ण बनी हुई है. पुलिस हर हरकत पर पैनी नजर बनाये हुए है.

File Pic

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