Published On : Wed, Jun 11th, 2014

गडचिरोली : 15 हजार नागरिकों के घर होंगे शौचालय


निर्मल भारत अभियान का उपक्रम

( जयंत निमगडे )

गडचिरोली

सरकार के निर्मल भारत अभियान अंतर्गत अबकी बार जिले में 15 हजार नागरिकों के घर शौचालय बनवाए जाने वाले है. इस उपक्रम की वजह से गडचिरोली जिला हागणदारीमुक्त करने में बड़ी मदत मिलने वाली है. गरीबी रेखा के निचे तथा उपर के दोनों प्रकार के नागरिकों को वैयक्तिक शौचालय देने की योजना निर्मल भारत अभियान के अंतर्गत बनाई गई है.

2012 तक संपूर्ण स्वछता अभियान कार्यरत होते हुए केवल गरीबी रेखा के निचे व्यक्तियों को वैयक्तिक शौचालय का लाभ दिया जा रहा था. परंतु निर्मल भारत अभियान शुरू होने के बाद बीपीएल एवं एपीएल से अनुसूचित जाती, जमाती, अल्पभूधारक, भूमिहीन शेतमजदूर, विधवा तथा अपंगों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है. 2014-15 इस वर्ष में 10 पंचायत समिति के करीब 10 हजार 666 नागरिकों को शौचालय बनवाकर दिया जानेवाला है. उसमें कोरची तालुका के 439, कुरखेड़ा के 859, वडसा तालुका 6418, आरमोरी 923, गड़चिरोली 793, धानोरा 190, मुलचेरा 227, एटापल्ली 426, अहेरी 190 तथा सिरोंचा तालुका के 201 लाभार्थी शामिल है. मात्र चामोर्शी और भामरागड पंचायत समिति की तरफ से समय पर प्रस्ताव ना आने से दोनों तालुका के लाभार्थियों को शौचालय का लाभ मिलने में देरी हो सकती है. सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार संबंधित अधिकारीयों द्वारा लापरवाही करने से लाभार्थियों को लाभ लेने से वंचित रहना पड सकता है. 2012-13 में 8434 लाभार्थियों को शौचालय का लाभ दिया गया. इस बार 2 हजार लाभार्थियों की बढोत्तरी होनेवाली है.

शौचालय का काम मार्च 2015 तक पूरा होने की अपेक्षा है. फ़िलहाल गडचिरोली, कोरची और देसाईगंज इन तीन तालुकाओं में काम शुरू किया गया है. स्थायी समिती की मंजूरी मिलने के बाद बाकी बची पंचायत समितियों में काम की शुरुवात की जानेवाली है. वैयक्तिक शौचालय का नागरिकों को लाभ मिले, इसके लिए सबसे पहले ग्रामपंचायतों को कदम बढ़ाना जरुरी है. ग्रामसभा से मंजूरी लेकर लाभार्थियों की सूची पंचायत समिति को भेजी जाए. उपरांत पंचायत समिति सभी सूचियों को निर्मल भारत अभियान के लिए भेजती है. आगे जिला परिषद की सभा की मान्यत मिलने के बाद अंतिम प्रस्ताव सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है. शौचालय निर्माणकार्य के लिए निर्मल भारत अभियान की तरफ से 46000 रूपये मग्रारोहयो के तरफ से 4500 रूपये वही लाभार्थियों से 900 रूपये इस तरह कुल मिलाकर 10 हजार रूपये का बजट है.

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