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    Published On : Fri, Apr 18th, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Nagpur News

    गडचिरोली: रिश्वतखोरी रोकने वाले रिश्वतखोरों के साथी; शिकायतकर्ता गणेश विश्वास का आरोप


    pic-9गडचिरोली.

     रिश्वतखोरी रोकने का ढिंढोरा पिटने वाले और रिश्वतखोरी पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए आगे आने का आव्वाहन करनेवाले रिश्वत प्रतिबंधक विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मी ही रिश्वतखोरों के साथी होने का आरोप एसीबी की ओर से शिकायत करने वाले गणेश विश्वास ने गुरुवार को आयोजित पत्रपरिषद में लगाया। ,विश्वास ने चामोर्शी पुलिस द्वारा वाहन छोड़ने के लिए रिश्वत मांगने पर इसकी शिकायत एसीबी की ओर करने पर एसीबी के गडचिरोली के प्रमुख अधिकारी ने इनकी जानकारी सम्बंधित रिश्वतखोर तक पहुचाने का आरोप विश्वास ने लगाया है। विश्वास का कहना है की इस वजह से आरोपी एसीबी के जाल में नहीं फंस पाए।

    संवाददाता सम्मलेन में पत्रकारों को विश्वास ने जानकारी  देते हुए बताया की १४ मार्च को पुलिस ने उसपर शराब बिक्री का झूठा मामला लगाकर उसे हिरासत में लिया और हिरासत में उसकी बेरहमी से पिटाई भी की। विश्वास का वाहन भी पुलिस ने ज़ब्त किया था जिसको वापस लेने के लिए जब विश्वास ज़मानत के बाद पहुंचा तो उससे २० हज़ार की रिश्वत मांगी गई। विश्वास की माने तो रिश्वत मांगने वालों में थाना प्रमुख और ४ पुलिस कर्मी थे।  विश्वास ने इसकी शिकायत गडचिरोली के एसीबी के पास की और अधिकारी ने कार्यवाही का आश्वासन भी दिया। लेकिन कार्यवाही के पूर्व ही इसकी सुचना सम्बंधित रिश्वत मांगने वाले तक पहुंच गई थी। इसके कारण सिर्फ दो पुलिस कर्मियों पर ही छूटपुट कार्यवाही हो पाई। रिश्वत मांगने वाले मुख्या  कार्यवाही नहीं हो पाई ऐसा विश्वास का कहना है। रिश्वत मांगने वालों और उनको बचाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग विश्वास ने की है।

    सिर्फ दो लोगों के खिलाफ मिली शिकायतमंडलवार

    इस सन्दर्भ में एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक डी. डब्ल्यू मंडलवार ने बताया की गणेश विश्वास की ओर से सिर्फ दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज़ कराई गई थी। कार्यवाही में दो लोग १६ हज़ार की रिश्वत मांगते पकडे गए। अन्य कोई इस मामले में शामिल नहीं दिखाई दिया। दोषी दो पुलिसकर्मी वसंत हल्के व दिवाकर बोबटे के खिलाफ उचित कार्यवाही की गई। विश्वास की ओर से एसीबी पर झूठे आरोप लगाने की बात मंडलवार ने कही।


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