Published On : Fri, Jul 4th, 2014

उमरखेड़ : न पक्की सड़क है, न पीने का पानी और न शेड


उमरखेड़ में स्मशान घाट की हालत है बदतर


उमरखेड़

smashanbhumi nivedan
तेली, कुंभार, हलबा समाज की स्मशान भूमि में जाने के लिए न तो पक्का रास्ता है और न ही शवों को अग्नि देने के लिए शेड की ही व्यवस्था है. न तो अंतिम यात्रा में आने वाले लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था है और न ही पीने का पानी तक यहां मिलता है. लिंगायत मुक्तिधाम सुधार सेवा समिति की ओर से हाल में विधायक विजय खड़से को इस संबंध में एक ज्ञापन दिया गया और सारी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की गई.

बरसों से इस्तेमाल
उमरखेड़ खंड क्र. 1 की सर्वे नं. 26/1 में आने वाली करीब चार हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल तेली, कुंभार, हलबा और अन्य समाज के लोग बरसों से स्मशान घाट के रूप में करते हैं. ये जगह उबड़-खाबड़ है और सारी सुविधाओं से महरूम भी. न पीने के पानी की सुविधा है और न अंतिम यात्रा में आने वाले लोगों के बैठने की. धूप, ठंडी और बरसात में खुले में किसी तरह वक्त गुजारना पड़ता है.

गंभीर दखल देने की मांग
1 नवंबर 2013 को ऐसे ही एक ज्ञापन दिया गया था, मगर जबाव टालमटोल भरा रहा. इसीलिए इस बार ज्ञापन देकर गंभीर दखल देने की मांग की गई. लिंगायत मुक्तिधाम सुधार सेवा समिति के अध्यक्ष प्रकाश सोनुने, उपाध्यक्ष पांडुरंग कालबांडे, सचिव बापूराव भोसीकर, नारायण शीखरे, मारोती ठमके, नंदकुमार परडे, संतोष कुरवाडे, विजय सोनुने, विश्वंभर ठमके आदि ज्ञापन देते समय उपस्थित थे.