Published On : Wed, May 7th, 2014

उमरखेड़ : किसानों ने किया गट विकास अधिकारी का घेराव


कुशल मजदूरों को चार माह से नहीं मिली मज़दूरी


उमरखेड़

रोजगार गारंटी योजना का काम करने के बाद चार माह तक मज़दूरी नहीं मिलने से परेशान किसानों ने आज़ गट विकास अधिकारी का घेराव किया. अधिकारी ने जल्द ही मजदूरी के भुगतान का आश्वासन दिया. इसके बाद ही किसानों ने घेराव खत्म किया. इन किसानों ने रोगायो के तहत कुएं का निर्माण किया था.
मजदूरों को काम दिलाने के उद्देश्य से रोजगार गारंटी योजना शुरू की गई है. किसानों को समृद्ध बनाने औऱ सिंचाई की व्यवस्था करने के उद्देश्य से सिंचाई कुएं मंजूर किए गए हैं. केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत किए जाने वाले काम के लिए अकुशल मजदूरों क़े लिए 60 फीसदी और कुशल मजदूरों के लिए 40 फीसदी का औसत तय किया है.

700 से अधिक कुएं मंजूर
उमरखेड़ पंचायत समिति के तहत वर्ष 2010-11 और 11-12 में 700 से अधिक कुएं मंजूर किए गए. इन कुअों के निर्माण में लगे अकुशल मजदूरों के मेहनताने का भुगतान तो पूरा कर दिया गया, मगर कुशल मजदूरों के मेहनताने का भुगतान रोक दिया गया. मेहनताना अब तक नहीं दिया गया है. इसी से नाराज किसानों ने आज पं. स. सदस्य मोहन नाईक और चिखली के सरपंच किशोर चव्हाण के नेतृत्व में गट विकास अधिकारी का घेराव किया.

मजदूरी के इंतजार में दो किसानों की मौत
उपस्थित किसानों ने बताया कि कुओं का काम पूर्ण होने के बाद मजदूरों को तो मजदूरी दे दी गई, लेकिन कुशल मजदूरों को छोड़ दिया गया. मजदूरी की उम्मीद और इंतजार में ग्राम कोरटा और चिखली के शिवराम डाके और मसाजी देवतले ने आख़िर दम तोड दिया.

File Pic

File Pic