Published On : Thu, Aug 14th, 2014

उमरखेड़ : एक मुख्याध्यापिका की कथित मनमानी से त्रस्त पूरा गांव


स्कूल पर ताला जड़ने की धमकी के बाद अधिकारी ने किया कार्रवाई का वादा


उमरखेड़

beo ka gherav
जिला परिषद शाला चिल्ली (ज) की मुख्याध्यापिका की कथित मनमानी से त्रस्त गांववासियों ने स्कूल पर ताला ठोंकने का फैसला कर ही लिया था, मगर गट शिक्षणाधिकारी द्वारा 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर मुख्याध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपनी कार्रवाई वापस ले ली. लेकिन यह चेतावनी भी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र होंगे. ग्रामीणों ने कहा था कि जब तक मुख्याध्यापिका को हटाया नहीं जाता तब तक बच्चे स्कूल के कमरों में बैठकर नहीं, बल्कि स्कूल के प्रांगण में बैठकर पढ़ेंगे.

स्कूल पहुंच ग्रामीणों की समस्याएं सुनी
शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर है चिल्ली की जिला परिषद शाला. यहां की मुख्याध्यापिका की मनमानी से परेशान ग्रामीणों ने शाला पर ताला ठोंकने का फैसला किया. इलाके के गट शिक्षणाधिकारी को सूचना मिलने के बाद वे स्कूल में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना. फिर आश्वासन दिया कि 15 दिनों के भीतर मुख्याध्यापिका पर कार्रवाई की जाएगी.

मुख्याध्यापिका पर कई आरोप
ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि स्कूल के हाल बहुत खराब हैं और मुख्याध्यापिका को हटाए बगैर उसमें सुधार होना संभव नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में शौचालय के निर्माण के लिए आई निधि का कोई उपयोग नहीं हुआ. उस निधि का क्या हुआ पता नहीं. विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मिली निधि को हड़पने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया. बताया गया कि मुख्याध्यापिका स्कूल में हाजिर नहीं रहती. बिना सूचना के अनुपस्थित रहती हैं. छह साल से स्कूल में रंगरोगन भी नहीं हुआ है. उनके कारण बच्चों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. शिक्षणाधिकारी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है.


इस अवसर पर सरपंच गणेश देवला जाधव, उपसरपंच पार्वतीबाई मधुकर जाधव, शाला व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष इंदल रामचंद्र जाधव, बलिराम राठोड़, धनु जाधव, शंकर जाधव, गणुसिंह जाधव, सैयद ठाकुर और रूपसिंह राठोड़ सहित अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित थे.