Published On : Tue, May 20th, 2014

उमरखेड : विवाह का मौसम समाप्त होते ही किसान जुटे खेती के कामों में

Advertisement


उमरखेड

खरीफ हंगाम जैसे जैसे करीब आ रहा है वैसे वैसे किसानों की तैयारी ज़ोर पकड़ रही है. इसीको देखते हुए उमरखेड तालुका व शहर कृषी बाज़ार दुकानों में सभी प्रकार के बीज रखने की होड़ शुरू हो गई है. ऐन मौके पर तालुके की कृषी दुकानों पर अन्य गावों की तुलना में सोयाबीन के बीजों की ज्यादा कीमत वसूले जाने का मामला सामने आया है. कृषि बाज़ार में विविध प्रकार के बीज जैसे जवार, कपास, तुअर, सोयाबीन आदि आए है. सबसे काम लागत वाली फसल होने के कारण सोयाबीन की फसल 100 में से 60 प्रतिशत किसान लगाते है. ऐसी स्थिती में दुकानदारों ने अच्छी क्वालिटी के सोयाबीन बीज की 30 किलो की बैग की कीमत 2 हज़ार 600 रूपए तक रखी है. लेकिन उसी कंपनी की वही बैग आसपास के गावों में 200 रूपए सस्ती मिल रही है. किसानो पर हो रही ये आर्थिक लूट रोकने की मांग हो रही है.

बदलते दौर में किसानों को संघठित होने की ज़रूरत – पूर्व पं. स. उपसभापती शामराव पाटिल

किसानों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना आज के वक्त की ज़रूरत है और ज़रूरत है अपने हक़ को समज़ना ऐसा मानना है पूर्व पं. स. उपसभापति शामराव पाटिल का.

सन 2013-2014 की खरीफ हंगाम की फसल अतिवृष्टी के कारण बर्बाद हो गई. इतने पर ही प्रकृती नहीं मानी और रबी हंगाम परिपक्व होने के बाद गेहूं व चना पकने के करीब ही थे जब ओलावृष्टी की मार फसलों पर पडी. ओलावृष्टी से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए ११ करोड़ रूपए मुआवज़ा मंज़ूर किया लेकिन सरकार ने तालुके को जिला अधिकारी के माध्यम से पहले हफ्ते में सिर्फ 5 करोड़ रूपए दिए. ये रकम काफी नहीं थी और महज़ आशा की किरण के रूप में किसान इसे देख रहे है. खरीफ हंगाम के पहले ही बाकी बचा 6 करोड़ रूपए मुआवज़ा गरीब किसानों को दिए जाने की मांग आपातग्रस्त किसानों की तरफ से पूर्व पं. स. उपसभापती शामराव पाटिल ने की है. शामराव पाटिल ने कहा की असंघठित कीसानो का फायदा सभी उठाते है. असंघठित होने की वजह से कीसानो का आर्थिक नुकसान होता है.

Advertisement
File Pic

File Pic

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.